धनाक्षरी छंद
सेना हमारे देश की,
आन,बान व शान है,
सेवा समर्पण ही इनकी पहचान है।
देश रहे सुरक्षित,
अखंड और अटूट,
इनमें ही इनका अपना स्वाभिमान है।
गर्व होता इनपर,
देश और समाज को,
हमें हमारे सेना पर बड़ा अभिमान है।
हमसे ना टकराना,
मैं दे रहा पैगाम हूॅं,
ऑंख मत दिखाओ ये नया हिन्दुस्तान है।
भवानंद सिंह (शिक्षक)
मध्य विद्यालय मधुलता रानीगंज, अररिया
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