हमारा मुल्क- जयकृष्णा पासवान

सोना था सोनाली कितनी, मुल्क हमारा परम निशान। देश में आकर बिखर गया, अंग्रेजी शासन का ऐलान।। सब भेदों से जाल गिराकर, फसा दिया भोला इंसान। सताने लगी अंग्रेजी बोली,…

सरस्वती वन्दना- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

दे विमल बुद्धि भावना, माँ शारदे है प्रार्थना , ऐसी शक्ति दे मां कर सकूं, हर संकटों का सामना। बालक बड़ा नादान हूं, धर्म-कर्म से अनजान हूं, जैसा भी हूं…

चलो गणतंत्र मनाते हैं- रूचिका

चलो एक बार फिर जश्न मनाते हैं, आज़ादी का मंत्र और नियमों का है तंत्र गणतंत्र मनाते हैं। राजनीति पर देखो जातीयता हावी है, भाई भतीजावाद और क्षेत्रीयता प्रभावी है,…

भारत गान – सुरेश कुमार गौरव

सबसे प्यारा और न्यारा अपना जग में हिंदुस्तान! “सत्यमेव जयते” से है, इसकी जग में पहचान!! “सर्वधर्म समभाव” का है, संदेश उचित प्रतीक! “अहिंसा परमोधर्म” है, ये बोल सर्वथा सटीक!!…

पंछी – चांदनी समर

रोको ना मुझे टोको ना मुझे, पंछी को पर फैलाने दो है आज़ादी का स्वप्न मेरा, मुझे पंख खोल उड़ जाने दो तिनके चुन रखे हैं सपनों के, मैंने परों…

नहीं परेशान हों- एस.के.पूनम

विद्या:-मनहरण घनाक्षरी🌹 शीत का शीलन घटे, ऊर्जा का प्रवाह बढ़े, खेत-खलिहान सजे,सुखद किसान हो। गेहूं की बालियां झुमे, खर-पतवार दिखे, हसुआ लेकर काटे,यही परवान हो। समीर बदला रूप, उष्णता शीतल…

देशप्रेम- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

मनहरण घनाक्षरी छंद देश के सपूत करें, रोज दिन निगरानी, भारत की सीमा पर, सेना की निगाह है। दिन नहीं चैन मिले, रात नहीं नींद आती, देश की सुरक्षा हेतु,…

बालिका भ्रूणहत्या व्यथा-सुरेश कुमार गौरव

एक विचारणीय प्रश्न क्योंकि बालिका दिवस का मतलब समझना होगा। बालिका भ्रूणहत्या एक गंभीर समस्या है। इस पर रोक के प्रावधान भी हैं। पुरुष-स्त्री लिंगानुपात में असमानताएं देखे जा सकते…