बेटीयां तो घर की आन है बाप की अनुपम पहचान है जो समझता है बेटी को बोझ वह तो सबसे[...]
Author: Anupama Priyadarshini
सुलक्षणा बेटी – मनु कुमारीसुलक्षणा बेटी – मनु कुमारी
खुशियों का संसार है बेटी , प्रेम का सुंदर उपहार है बेटी, बेटों को जो विनम्र बनाये, ममता,स्नेह व प्यार[...]
जाने कहां गए वो दिन -जैनेन्द्र प्रसाद रविजाने कहां गए वो दिन -जैनेन्द्र प्रसाद रवि
टॉफी पा के इठलाना, पल में मचल जाना, शैशव की बीती बातें- हमें याद आते हैं। बांहों में लिपट कर,[...]
रामधारी सिंह दिनकर – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’रामधारी सिंह दिनकर – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
जन्म दिन कविवर, गाएँ गुण मिलकर, दिनकर उपनाम, सभी विधा जानते। जन्मे थे कृषक घर, मिला मातु शुभ वर, सूर्य-सा[...]
राष्ट्र कवि दिनकर – मनु कुमारीराष्ट्र कवि दिनकर – मनु कुमारी
साहित्य सरोवर में, खिला अद्भुत कमल! रामधारी सिंह दिनकर। बेगुसराय के गांव सिमरिया, जहां बसे मनरूप देवी और रवि भैया,[...]
रामधारी सिंह दिनकर – नीतू रानीरामधारी सिंह दिनकर – नीतू रानी
जिनके सिंहनाद से सहमी धरती है रही अभी तक डोल, ✒️ कलम आज उनकी जय बोल ✒️ कलम आज उनकी[...]
रामधारी सिंह दिनकर – कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’रामधारी सिंह दिनकर – कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’
माँ सरस्वती के चरणों में, झुककर मैं वन्दन करूँ। मेरी लेखनी को शक्ति दो माँ, तुमसे यही अर्चन करूँ। राष्ट्रवादी[...]
खिलना – अशोक कुमार खिलना – अशोक कुमार
टन टन टन टन, घंटी बजी । चलो चलें स्कूल, बच्चों को भेजें स्कूल। इसे ना जाना भूल -2 सुनो[...]
चहक -अशोक कुमारचहक -अशोक कुमार
चहक उठे सब बच्चे, जैसे चिड़िया चहकती। नित्य विद्यालय जाना, जैसे मन मचलता।। खेल खेल में शिक्षा, हमें आनंदित करे।[...]
स्कूल चलें – अशोक कुमारस्कूल चलें – अशोक कुमार
स्कूल चले हम स्कूल चले हम नई-नई गतिविधि करें हम स्कूल चले हम ।। सुनो रे मुन्ना सुनो रे मुनिया[...]
