Author: Dev Kant Mishra

Amarnath Trivedi

वसंत की पुकार – अमरनाथ त्रिवेदीवसंत की पुकार – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 9:42 pm

वसंत की खुशबू फिजा में, तैर रही नित शान से। जवाँ दिल बढ़ें चलें, रुकें न अग्नि बाण से। न[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

हमारे जमाने की ईद- संजय कुमारहमारे जमाने की ईद- संजय कुमार

1 Comment 8:00 pm

बहुत याद आती है ईदें पुरानी नानी और दादी के किस्से कहानी हिन्दू न हम थे न मुसलमान मीनू वो[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Suresh Kumar gaurav

नव दुर्गा का दिव्य संदेश – सुरेश कुमार गौरवनव दुर्गा का दिव्य संदेश – सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 9:03 pm

“शैलपुत्री” का पहला वंदन-धैर्य संकल्प का दीप जलाओ, अडिग रहो, हिमगिरि सम दृढ़, सच्चे पथ पर कदम बढ़ाओ। “ब्रह्मचारिणी” का[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Amarnath Trivedi

आओ मिल नववर्ष मनायें- अमरनाथ त्रिवेदीआओ मिल नववर्ष मनायें- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 8:15 pm

आओ सब मिल नव वर्ष मनायें, अपने सपने खूब सजायें। चेतनता का द्योतक है यह, सृजन का उद्घोषक है यह। आज मही[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

आया है नववर्ष- शैलेन्द्र भूषणआया है नववर्ष- शैलेन्द्र भूषण

0 Comments 7:23 pm

प्रतिवर्ष है यह आता तन-मन को खूब भाता सृष्टि में फैला अद्भुत यह कैसा सुखद हर्ष आया है नववर्ष। हम[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Suresh Kumar gaurav

नव संवत्सर का शुभागमन- सुरेश कुमार गौरवनव संवत्सर का शुभागमन- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 2:03 pm

चैत्र मास आया लेकर नव जीवन का संचार, संवत्सर नव मंगलमय, भर दे उमंग अपार। शुक्ल पक्ष की प्रथम रश्मियाँ[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
ram किशोर

नूतन वर्ष – रामकिशोर पाठकनूतन वर्ष – रामकिशोर पाठक

0 Comments 1:32 pm

लो नूतन वर्ष सनातन का, आज शुरू होने आया। चैत्र शुक्ल की प्रतिपदा यही, प्रथम दिवस है कहलाया। प्रकृति लिए[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
ram किशोर

महादेवी वर्मा: विधा – मनहरण घनाक्षरी- रामकिशोर पाठकमहादेवी वर्मा: विधा – मनहरण घनाक्षरी- रामकिशोर पाठक

0 Comments 9:33 pm

काव्य रची अनमोल, सौम्य सरस-सा बोल, छायावादी रस घोल, नारी वंदनीय है। सप्तपर्णा, दीपशिखा, सांध्यगीत, अग्निरेखा, संकल्पिता स्मृति रेखा, यामा[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Suresh Kumar gaurav

अमर शहीदों को नमन- सुरेश कुमार गौरवअमर शहीदों को नमन- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 9:20 pm

वीरों की इस भूमि पर, गूँज रही शौर्य हुंकार, शान से बलिदानियों ने, लिखे नये संस्कार। भगत, सुखदेव, राजगुरु, थे[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

शौर्य का जयघोष – अवनीश कुमारशौर्य का जयघोष – अवनीश कुमार

0 Comments 10:15 pm

जब भी लगे तुम्हें, विश्वास तुम्हारा डगमगाने लगा है, लेकर आशा की मशाल, दशरथ माँझी-सा आना तुम एक और प्रहार[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें