पद्यपंकज Hall of Fame,Hall of Fame March 2026,Uncategorized नारी शक्ति – मुन्नी कुमारी

नारी शक्ति – मुन्नी कुमारी



नारी-शक्ति

स्व-रचित-कविता

नारी की शक्ति अपार,
नारी की महिमा अपरम्पार।
नारी में गुणों का भंडार,
नारी में ममता की बहार।

कभी माँ की ममता बहाती,
कभी बहन बन प्यार लुटाती।
कभी बेटी बन घर-आंगन महकाती,
कभी पत्नी बन जीवन संवारती।

माँ दुर्गा बन अन्याय मिटाती,
माँ सरस्वती बन ज्ञान लुटाती।
माँ लक्ष्मी बन समृद्धि लाती,
हर रुप में दुनियां को सजाती।

रानी,लता, किरण, कल्पना है नारी,
ये सफलता की अवतार है नारी।
हिम्मूत न हारती है नारी,
आगे बढ़‌कर दिखाती है नारी।

संघर्षो से न डरती है,
अपने कर्म पथ पर पर चलती है।
हिम्मत जब जगती है
आसमान भी छु लेती हैं।

नारी शक्ति को शत-शत प्रणाम,
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर कोटि-कोटि सलाम ।

रचियता- मुन्नी कुमारी
प्रधान शिक्षिका
प्राथमिक विद्यालय मोहनपुर मुशहरी
प्रखण्ड- झंझारपुर, मधुबनी

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