शोर मचा- वासुदेव छंद गीत सुरभित है सब, कली-कली।शोर मचा अब, गली-गली।। आया मौसम, सर्दी का।पीते हैं पय, हल्दी का।।सर्द[...]
Author: PRIYANKA PRIYA
छंदों को भी गढ़ना चाहूंँ – राम किशोर पाठकछंदों को भी गढ़ना चाहूंँ – राम किशोर पाठक
छंदों को भी गढ़ना चाहूँ- गीत गीत गजल मैं पढ़ना चाहूँ।छंदों को भी गढ़ना चाहूँ।। पर मुझको कुछ ज्ञान नहीं[...]
आस में(ग़ज़ल)- राम किशोर पाठकआस में(ग़ज़ल)- राम किशोर पाठक
आस में – गजल क्या रखा है किसी की हर आस में। सफलता होनी चाहिए पास में।। बेशक मुझे दुनिया[...]
ये तो प्यारे बच्चे हैं – आशीष अंबरये तो प्यारे बच्चे हैं – आशीष अंबर
ये तो प्यारे बच्चें है,मन के बड़े ही सच्चें है । ये बच्चें है देश की शान,चाचा नेहरु का यही[...]
गुणगुणी धूप – जैनेन्द्र प्रसाद रविगुणगुणी धूप – जैनेन्द्र प्रसाद रवि
गुण गुणी धूपमनहरण घनाक्षरी छंद सूरज निकलने कारहता है इंतजार,सुबह की धूप हमें, लगती तो प्यारी है। दूर तक दिखती[...]
मतदान करें – अमरनाथ त्रिवेदीमतदान करें – अमरनाथ त्रिवेदी
मतदान करें मतदान करें , स्वकार्य करें,तरक्की का मार्ग प्रशस्त करें।पाँच वर्ष में क्या खोया – पाया,इस बात का जरूर[...]
गृह लक्ष्मी पत्नी – राम किशोर पाठकगृह लक्ष्मी पत्नी – राम किशोर पाठक
गृह लक्ष्मी पत्नी – कुंडलिया लक्ष्मी है पत्नी सदा, सुखकारी लो जान।जिसको मैंने वर लिया, रखती सबका ध्यान।।रखती सबका ध्यान,[...]
हर पल मर्यादा में रहना – राम किशोर पाठकहर पल मर्यादा में रहना – राम किशोर पाठक
हर-पल मर्यादा में रहना – गीत शब्दों की कर हेराफेरी, नित्य नया कुछ चाहूँ कहना।मन को अपने समझाता हूॅं, हर-पल[...]
मैहर वाली मैं हर दें गर- राम किशोर पाठकमैहर वाली मैं हर दें गर- राम किशोर पाठक
गीत सुख में जाए दिन-रात गुजर।मैहर वाली मैं हर दें गर।। सुंदर मनहर गीत लिखा है।माता से निज प्रीत लिखा[...]
बेटा का अधिकार – जैनेन्द्र प्रसादबेटा का अधिकार – जैनेन्द्र प्रसाद
बेटा का अधिकाररूप घनाक्षरी छंद में जनता है आती याद,हर पांँच वर्ष बाद,नेता की है आस टीकी, आपके इंसाफ पर।[...]
