प्रेम जहाँ पग-पग मिलता देश हमारा सबसे न्यारा , लगता कितना प्यारा है ! जग के सारे देशों से , इसे प्रभु ने अधिक सँवारा है ! जग के …
Author: Ram Kishor Pathak
माँ तुम कितनी अच्छी हो – नीतू रानी
माँ तुम कितनी अच्छी हो। माँ माँ तुम कितनी अच्छी हो सब कुछ मेरा करती हो, जब मैं गंदा होता हूँ मुझे रोज स्नान कराती हो। माँ तुम कितनी ——–२।…
अब सुबह हुई जागो- स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’
अब सुबह हुई जागो क्या ऐसी सुबह होगी, जब दोष शमन होगा? इस रात का अंधियारा,जब जड़ से खतम होगा, घर घर की इक बाला, बालक भी सम होगा। क्या…
प्रकाश संश्लेषण – विधा दोहें – राम किशोर पाठक
प्रकाश संश्लेषण – दोहें जिज्ञासा बच्चे लिए, गुरुवर करें निदान। कैसे भोजन पेड़ में, बनता है श्रीमान।।०१।। कैसे पोषण पा रहा, इसका कहें विधान। प्रकाश संश्लेषण किसे, कहते हैं श्रीमान।।०२।।…
जगन्नाथपुरी रथयात्रा – राम किशोर पाठक
जगन्नाथपुरी रथ-यात्रा- दोहें उत्कल प्रदेश में चलें, जहाँ ईश का धाम। शंख- क्षेत्र, श्रीक्षेत्र है, उसी पुरी का नाम।।०१।। युगल मूर्ति प्रतीक बने, बसे यहाँ अभिराम। श्री जगन्नाथ पूर्ण हैं,…
सारे जग में नाम होगा उसी का – अमरनाथ त्रिवेदी
सारे जग में नाम होगा उसी का सारे जग में नाम होगा उसी का , जिसके कर्मों से भाग्य जुड़ेगा सभी का । जो हर कदम पर अपना और पराया…
विद्यालय और सामाजिक बदलाव – राम किशोर पाठक
विद्यालय और सामाजिक बदलाव शिक्षा समाज का किस्सा है। विद्यालय इसका हिस्सा है।। विविध रूप जो बोल रहे हैं। स्व परिवेश को घोल रहें हैं।। विद्यालय भाव जगाता है। समता…
नशा मिटाएँ- योग छंद – राम किशोर पाठक
नशा मिटाएँ- योग छंद हालत अपनी हरपल, हमें बताएँ। आदत कोई भी हो, नहीं लगाएँ।। हो चाहे कैसी भी, उसे छुड़ाएँ। मिलकर हम-सब अब तो, नशा मिटाएँ।। दुर्गंधों से हरपल,…
विद्यालय संजोती, दिव्य ज्ञान सरिता- हरिप्रिया छंद – राम किशोर पाठक
विद्यालय संजोती, दिव्य ज्ञान सरिता- हरिप्रिया छंद आओ समझें ऐसे, गढ़ें संबंध जैसे, बनता समाज वैसे, प्रकट करे ललिता। सीख परिवार देती, आस-पास की खेती, विद्यालय संजोती, दिव्य ज्ञान सरिता।…
सामाजिक बदलाव में स्कूल की भूमिका- अमरनाथ त्रिवेदी
सामाजिक बदलाव में स्कूल की भूमिका बच्चों में नूतन ज्ञान देकर , शान से हम उन्हें बढ़ाएँ । सामाजिक बदलाव की प्रक्रिया में , हम उन्हें ऐसे शामिल कर पाएँ…