शब्दों के हैं रूप निराले – चौपाई छंद यूँ जो ध्वनियाँ बोली जाती। भावों को अपने बतलाती।। वर्णों से जो निर्मित होती। है शब्द वही तो कहलाती।। शब्दों के है…
Author: Ram Kishor Pathak
पुस्तक है हम सबका साथी- अमरनाथ त्रिवेदी
पुस्तक है हम सबका साथी पुस्तक है हम सबका साथी , ज्ञान विज्ञान की है यह बाती । नया सवेरा हमें है लाना , पुस्तक से नित ज्ञान है…
मौसम गर्मी वाला आया-चौपाई छंद – राम किशोर पाठक
मौसम गर्मी वाला आया- चौपाई छंद – बाल कविता बिटिया रानी सुनो कहानी। दुनिया करती है नादानी।। कभी न करना तुम मनमानी। जिससे बढ़े कुछ परेशानी।। मौसम गर्मी वाला आया।…
उमड़- घुमड़ कर बरसो बादल – अमरनाथ त्रिवेदी
उमड़- घुमड़ कर बरसो बादल केवल बादल नहीं बरसात भी हो , प्रचंड गर्मी पर आघात भी हो । कुछ हवा चले खूब पानी हो , इसमें हम बच्चों की…
कोयल – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’
कोयल कोयल भोली भाली है, बोली बहुत निराली है। श्याम सलोनी प्यारी है, धुन तेरी मतवाली है। तेरी बोली सुनने को, मन अधीर हो जाता है। नही सुनूँ जो तुमको…
गर्मी छुट्टी मना रही हूॅं – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान ‘
गर्मी छुट्टी मना रही हूॅं। इतनी है आसान पढ़ाई, कर लो माते बड़ी भलाई, संग ककहरा आकर सीखो, सीखी नहीं त बोलो न। बचे समय मुख खोलो न।। जब बैठी…
गौ माता को हम-सब जानें – राम किशोर पाठक
गौ माता को हम-सब जानें – बाल कविता दुग्ध, क्षीर, पय, गोरस लाना। स्तन्य, पीयूष, दोहज जाना।। सुधा, सोम हीं सुर को भाए। देवाहार यही कहलाए।। जीवनोदक, अमृत भी कहते।…
पितृ दिवस – पूजा कुमारी
पितृ दिवस काश मैं भी महसूस कर पाती, पितृ दिवस मेरे हिस्से कभी न आई। वो प्यार भरी बातों को, वो दुलार, वो स्नेह, काश मैं भी महसूस कर पाती,…
Father – Ashish Kumar Pathak
Father Never ever wears a crown makes us feel like a king Weaves a world around us with every possible small thing Our world just lits up When someone says…
पिता व्योम के तुल्य हैं – विधा दोहा – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’
विधा – दोहा पिता व्योम के तुल्य हैं “”””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””” पिता व्योम के तुल्य हैं, पिता सृष्टि विस्तार। जीवन दाता हैं पिता, विटप छाँव भंडार।। नयन सितारे हैं पिता, श्रेष्ठ सुघड़…