ग़ज़ल जब हम अपने पर आए वो भी अपने घर आए। उनकी भोली सूरत पर पता नहीं क्यों मर आए।[...]
Author: Shivendra Suman
प्रकाशपुंजप्रकाशपुंज
प्रकाशपुंज प्रकाशपुंज हूँ,विश्व को प्रकाशमय करता हूँ। संसार से अशिक्षा को दूर भगाता हूँ। समाज से सामाजिक बुराइयों को भगाता[...]
कुण्डलियाकुण्डलिया
कुण्डलिया अनुकंपा के नाम पर, अब मिलता है काम वरना जेबें ढीली कर,सहज निकालो दाम। सहज निकालो दाम,न रखो किसी[...]
गाय एक चौपाया जानवर हैगाय एक चौपाया जानवर है
गाय एक चौपाया जानवर है एक स्त्री कभी बीमार नहीं पड़ती जैसे कि वह एक स्तनधारी गाय हो जिसे दूहा[...]
सीढ़ीसीढ़ी
सीढ़ी घर के कोने में सुबकती सीढ़ी जिसे हम अक्सरहां भूल जाते हैं बना डालते हैं उसे एक स्टोर रूम…[...]
नवयुग का निर्माण करोनवयुग का निर्माण करो
नवयुग का निर्माण करो सुख शांति हो विश्व में, ऐसे कार्य महान करो उठो देश के नौनिहालों, नवयुग का निर्माण[...]
लिखना पहला प्रेम साबित हुआ।।लिखना पहला प्रेम साबित हुआ।।
लिखना पहला प्रेम साबित हुआ।। लिखना सबसे बड़ा गुनाह था हम गुनहगार हुए जन्म के साथ ही झाड़ू कटका में[...]
मैं शिक्षक हूँमैं शिक्षक हूँ
मैं शिक्षक हूँ मैं शिक्षक हूँ,शिक्षा दान करता हूँ नित नये भारत का निर्माण करता हूँ। सुबह से शाम तक[...]
स्वर्ग से सुन्दर देश हमारास्वर्ग से सुन्दर देश हमारा
स्वर्ग से सुन्दर देश हमारा स्वर्ग से सुन्दर देश हमारा, जो हमें सबसे प्यारा है। जिसकी गोद में हम खेले,[...]
हिंद देश है सबसे प्याराहिंद देश है सबसे प्यारा
हिंद देश है सबसे प्यारा हिंद देश से लगन लगाओ, यह तो सबसे प्यारा है धर्म मार्ग पर कदम बढ़ाओ,[...]
