Author: Dr Snehlata Dwivedi

Ram Kishore Pathak

समृद्ध भारत -रामकिशोर पाठकसमृद्ध भारत -रामकिशोर पाठक

0 Comments 12:42 pm

समृद्ध भारत – दोहा छंद गीत है समृद्ध भारत सदा, बौद्धिकता में खास। हमें गर्व होता रहा, है पावन इतिहास।।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
S K punam

ईश्वर से जुड़े तार -एस. के.पूनमईश्वर से जुड़े तार -एस. के.पूनम

0 Comments 12:39 pm

🙏ऊँ कृष्णाय नमः🙏 रूपघनाक्षरी छंद। (ईश्वर से जुड़े तार) उत्कीर्णन पीत वर्ण, रश्मियों का शृंगार है, दिशा प्राची रवि खड़े,करते[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

आसरा -रामपाल प्रसाद सिंहआसरा -रामपाल प्रसाद सिंह

0 Comments 9:08 am

पद्ममाला छंद 8 वर्ण आसरा पास बैठी है। खींचती मर्म की रेखा।। जन्म लेते जिसे देखा। आज माॅं खास बैठी[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

याद उन्हीं की आती है -रामपाल प्रसाद सिंहयाद उन्हीं की आती है -रामपाल प्रसाद सिंह

0 Comments 9:02 am

याद उन्हीं की आती है। निशि-वासर को चैन नहीं है,पीड़ा वाण चलाती है। छोड़ चले जाते हैं जग को,याद उन्हीं[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

झलक दिखाएं कृष्ण -रामकिशोर पाठकझलक दिखाएं कृष्ण -रामकिशोर पाठक

0 Comments 8:58 am

झलक दिखाएँ कृष्ण- रोला छंद गीत मिल जाए फिर चैन, उन्हें आँखों में भरके। छलक उठे है नैन, याद मोहन[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Jainendra

रिश्ता रखें सच्चा -जैनेन्द्र प्रसादरिश्ता रखें सच्चा -जैनेन्द्र प्रसाद

0 Comments 8:52 am

प्रभाती पुष्प रिश्ता रखें सच्चा संगी-साथी मित्र सच्चे, मिलते कहांँ हैं अच्छे, संबंध जो बन जाए, रिश्ता रखें सच्चा है।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

चिंता है रहती -रामकिशोर पाठकचिंता है रहती -रामकिशोर पाठक

0 Comments 9:02 am

चिंता है रहती- महा-शशिवदना छंद गीत दुख की सब गाथा, औरों से कहती। धन दौलत की, चिंता है रहती।। राम[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

राम राम गाइए रामकिशोर पाठकराम राम गाइए रामकिशोर पाठक

0 Comments 8:59 am

राम-राम गाइए- अनामिका छंद आप जो बता रहे। साथ में खता कहे।। रोष क्यों सदा गहे। दोष को यहाँ सहे।।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

पंछी -रामपाल प्रसाद सिंहपंछी -रामपाल प्रसाद सिंह

0 Comments 8:52 am

दो पंछी क्यों विवश हुए हैं,बाहर जाने को। अपने हुए पराए मतलब,है समझाने को।। जीवन का हर पल सुखमय जब,तूने[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

संपूर्ण ज्ञान अश्मजा प्रियदर्शिनीसंपूर्ण ज्ञान अश्मजा प्रियदर्शिनी

0 Comments 11:02 am

संपूर्ण ज्ञान प्रदाता पुस्तक है सरस्वती समान। यह सर्वश्रेष्ठ पर प्रदर्शक विज्ञता जीवन में प्रधान। शास्वत जग ब्रह्मांड का विवरण[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें