वर्षा रानी उमड़-घुमड़ कर बादल गरजे बूंदें गिरती आसमानी, पृथ्वी पर अपना प्यार लुटाने आती हैं वर्षा रानी। ग्रीष्म[...]
Author: Vijay Bahadur Singh
सपने-चंचला तिवारीसपने-चंचला तिवारी
सपने आँखो ने रात एक सपना सजाया सपने मे मैंने अपने सपने को पाया उस सपने ने मुझे हर पल[...]
हाँ गर्व है मुझे-रानी कुमारीहाँ गर्व है मुझे-रानी कुमारी
हाँ गर्व है मुझे गर्व है यहाँ के मौसम पर पछुआ-पुरवाई हवाओं पर पर्वत-पहाड़ों, मरुभूमि-मैदानों पर नदी, तालाब, सागर व[...]
मैं प्रकृति हूँ- संदीप कुमारमैं प्रकृति हूँ- संदीप कुमार
मैं प्रकृति हूँ मैं प्रकृति हूँ! इंसान मैं तुझे क्या नहीं देती हूँ सबकुछ समर्पित करती हूँ तेरे लिए फिर[...]
जरा रुक-कुमकुम कुमारीजरा रुक-कुमकुम कुमारी
जरा रुक जरा रुक ऐ मनुष्य किसलिए यूं दौड़ लगाते हो । क्षणिक सुख पाने के लिए, क्यों अपना सर्वस्व[...]
कलम-अवनीश कुमारकलम-अवनीश कुमार
कलम मैं जिसके हाथ बस जाऊँ उसके मैं भाग्य बनाऊँ। मैं हूँ बड़ी अनोखी चीज़ संशय इसमे करे न कोई[...]
मेरा बचपन-रीना कुमारीमेरा बचपन-रीना कुमारी
मेरा बचपन बचपन के दिन भी क्या दिन थे। ऐसे अनुपम और अनुठे वो दिन थे। बचपन के दिन भी[...]
हौसलों की उड़ान अभी बाकी है-नूतन कुमारीहौसलों की उड़ान अभी बाकी है-नूतन कुमारी
हौसलों की उड़ान अभी बाकी है सारी बाधाएँ को पार कर, सफलता की परचम मैं लहराऊँ, जो नहीं हुआ सदियों[...]
मेरा अखंड भारत-मुकुल कुमार कपरियामेरा अखंड भारत-मुकुल कुमार कपरिया
मेरा अखंड भारत नया जन्म हो रहा हमारा, नई उमंगे आएंगी, नई नवेली आदत मेरे, जीवन को चमकाएँगी। प्रदूषण मुक्त[...]
कैसे-प्रभात रमणकैसे-प्रभात रमण
कैसे माँ भारती के दिव्य रूप को मैं दिवास्वप्न समझूँ कैसे ? इसके परम पूण्य प्रताप को मैं भला भूलूँ[...]
