Author: Vijay Bahadur Singh

Jainendra

मानव-जैनेन्द्र प्रसाद रविमानव-जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 8:10 am

मानव यह मानव जीवन पाकर भी नहीं किया कोई परोपकार है। मोह, माया में लिपटा रहा, यह मानव तन बेकार[...]

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लॉकडाउन का सबक-विवेक कुमारलॉकडाउन का सबक-विवेक कुमार

0 Comments 7:03 am

लॉकडाउन का सबक ईश्वर की सुंदर रचना हूं कहते सब मानव मुझे आया हूं इस कर्मधाम में, बना पात्र इस[...]

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Amrita Singh

विद्यालय बस एक भवन रह गया-अमृता सिंहविद्यालय बस एक भवन रह गया-अमृता सिंह

0 Comments 4:50 pm

विद्यालय बस एक भवन रह गया सुने विद्यालय की आंगन में निगाहें ढूंढती रहीं फ़टे कागज के टुकड़े वो उड़ते[...]

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पुस्तक जीवन का श्रृंगार-दिलीप कुमार गुप्तपुस्तक जीवन का श्रृंगार-दिलीप कुमार गुप्त

0 Comments 11:44 am

         पुस्तक जीवन का श्रृंगार  तू सुरवन्दिता का भौतिक रूप तेरी महिमा अद्भूत अनूप तुममें सभ्यता संस्कृति[...]

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Gautam

कक्षा का अमृत रस-गौतम भारतीकक्षा का अमृत रस-गौतम भारती

0 Comments 10:26 am

कक्षा का अमृत रस  कक्षा तो कक्षा है, इसमें उपस्थित रहा करो 2 हो रहे वितरण ज्ञान का, बस अमृत[...]

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शायद इसने कुछ तो अच्छा पाठ पढ़ाया-चॉंदनी झाशायद इसने कुछ तो अच्छा पाठ पढ़ाया-चॉंदनी झा

0 Comments 7:43 am

शायद इसने कुछ तो अच्छा पाठ पढ़ाया कोरोना सी भयंकर बीमारी आई पड़ोसी चीन से, फैली सारी दुनिया में, भारत[...]

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नित दो पेड़ लगाएं-विजय कुमार पासवाननित दो पेड़ लगाएं-विजय कुमार पासवान

0 Comments 4:28 pm

नित दो पेड़ लगाएं जल बिना, जीवन धारा होगा, सोचा है? पीने का पानी नहीं बचा है सोचा है? सजीवों[...]

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