Author: Vijay Bahadur Singh

हिम्मत और दिव्यांगता-सन्नी कुमारहिम्मत और दिव्यांगता-सन्नी कुमार

0 Comments 11:02 am

हिम्मत और दिव्यांगता तेरी हिम्मत और हौसला  ऊंची सोच है तेरी पहचान। दिव्यांगता भी हारेगी  होगा जग में तेरा नाम।[...]

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Dr. Anupama

तू मानव है-डॉ अनुपमा श्रीवास्तवातू मानव है-डॉ अनुपमा श्रीवास्तवा

0 Comments 10:07 am

तू मानव है जब-जब मानव को अभिमान हुआ सर्व-श्रेष्ठ होने का भान हुआ, कुदरत ने तोड़ा दंभ तेरा तुझे तुच्छ[...]

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कर्मवीर-डॉ स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’कर्मवीर-डॉ स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’

0 Comments 12:21 pm

कर्मवीर जीवन कब शोक मनाता है, कर्मवीर भी मारा जाता है। उठकर प्यारे अब धीर धरो, संघर्ष से क्यों घबराता[...]

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स्वच्छता-शुकदेव पाठकस्वच्छता-शुकदेव पाठक

0 Comments 10:48 am

स्वच्छता आदर्श जीवन वह होता मानव जिसमें व्यवस्थित रहता। जीवन सही आदतों का मेल वरना, हम जीवन में फेल। बच्चों,[...]

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विपरीतार्थक शब्द-सुधीर कुमारविपरीतार्थक शब्द-सुधीर कुमार

0 Comments 9:25 am

विपरीतार्थक शब्द आओ बच्चों तुम्हें सिखाता, हूं मैं आज कुछ उल्टा शब्द। विपरीतार्थक को विलोम भी कहते  उल्टे अर्थ देते[...]

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Sanyukta

माँ का ममत्व-संयुक्ता कुमारीमाँ का ममत्व-संयुक्ता कुमारी

0 Comments 10:03 am

माँ का ममत्व माँ के ममत्व को त्याग और विश्वास को गोदी वाले गागर को अनंत नेह के सागर को[...]

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