पद्यपंकज Uncategorized,बाल कविता बाजा की आवाज- रामकिशोर पाठक

बाजा की आवाज- रामकिशोर पाठक


ram किशोर

 

 

बाजा की आवाज आ रही है

माँ मन को लुभा रही है।

बाहर मुझको जाने दो न

कारण देखकर आने दो न

कहकर प्रमा मुस्का रही है

माँ को अपनी मना रही है।

देख बेचैनी माँ मुँह खोली

हँसकर बड़े लाड़ से बोली

दशहरा आने वाला है

मेला भी लगने वाला है।

माँ दुर्गा की पूजा होगी

रावण की भी पुतला जलेगी

बिक रहे खिलौने और मिठाई हैं

डिजनीलैंड और सर्कस भी आई है।

हम तुमको ले साथ चलेंगे

मिल-जुल कर मौज करेंगे

पर पहले स्नान करना है

नया वस्त्र तुझे पहनना है।

अब प्रमा बोली खुश होकर

जल्दी से तैयार मुझे कर

राम लीला भी होने वाली है

देखो बजाते सब ताली है।

मेला घूमने सब जाएँगे

खूब मजे से हम खाएँगे

माँ का वंदन करना है

और मुझे खुश रहना है।

राम किशोर पाठक

प्राथमिक विद्यालय भेड़हरिया

इंगलिश पालीगंज, पटना

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