Category: कुंडलिया

Ram Kishore Pathak

तन्हा तन्हा..राम किशोर पाठकतन्हा तन्हा..राम किशोर पाठक

0 Comments 2:50 pm

कुण्डलिया तन्हा-तन्हा है आज-कल, यहाँ सकल संसार।कारण इसका क्या भला, करिए जरा विचार।।करिए जरा विचार, कभी खुद को भी झाँके।बना[...]

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Ram Kishore Pathak

रचना- कुंडलिया – राम किशोर पाठकरचना- कुंडलिया – राम किशोर पाठक

0 Comments 11:42 am

रचना – कुंडलिया रचना मनहर हो तभी, दे सुंदर संदेश। मात शारदे की कृपा, भरती भावावेश।। भरती भावावेश, शब्द शुभ[...]

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Ram Kishore Pathak

देव दिवाली…राम किशोर पाठकदेव दिवाली…राम किशोर पाठक

0 Comments 2:43 pm

कुंडलियां देव दिवाली आज है, जगमग सारे लोक।पावन क्षण है आ गया, हरने सबके शोक।।हरने सबके शोक, देव नारायण आते।गंगा[...]

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ram किशोर

अफवाहों के दौर में – राम किशोर पाठकअफवाहों के दौर में – राम किशोर पाठक

0 Comments 6:52 pm

छंद – कुण्डलिया अफवाहों के दौर में, रहिए ज़रा सतर्क। दिल से करके देखिए, मिलता क्या है तर्क।। मिलता क्या[...]

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Devkant

कुंडलिया- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’कुंडलिया- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 6:15 pm

माता की आराधना, करो सदा प्रणिपात। अंतर्मन के भाव में, भरो नहीं आघात।। भरो नहीं आघात, कर्म को सुंदर करना।[...]

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Devkant

पुस्तक-देव कांत मिश्रपुस्तक-देव कांत मिश्र

0 Comments 8:01 pm

पुस्तक पुस्तक देती ज्ञान है, करो सदा सम्मान। पढ़े इसे जो मन सदा, पाए अभिनव ज्ञान।। पाए अभिनव ज्ञान, इसे[...]

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