Category: छंद

Ram Kishore Pathak

दोहा – राम किशोर पाठकदोहा – राम किशोर पाठक

0 Comments 3:30 pm

 दोहा  – राम किशोर पाठक दोहे छाया पति मार्तण्ड का, स्वागत करती भोर। पक्षीगण गायन करें, नृत्य करे वन मोर।।[...]

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Ram Kishore Pathak

ऋतु कुसुमाकर-राम किशोर पाठकऋतु कुसुमाकर-राम किशोर पाठक

0 Comments 1:22 pm

लाना फूलों की सब माला। ऋतु कुसुमाकर आने वाला।। गुरुवर सबको बोल रहे हैं। राज सभी से खोल रहे हैं।।[...]

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RAMPAL SINGH ANJAN

कलाधर छंद – रामपाल प्रसाद सिंह अनजानकलाधर छंद – रामपाल प्रसाद सिंह अनजान

0 Comments 10:11 pm

कलाधर छंद – रामपाल प्रसाद सिंह अनजान सुधीर छोड़ते निशान हैं। भारतीय लोग हैं विचारवान पुण्यवान, देश में यहाॅं-वहाॅं नई-नई[...]

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सर्दी का असर. .भावानंद सिंहसर्दी का असर. .भावानंद सिंह

1 Comment 4:06 pm

—- धनाक्षरी छंद ————————-शीत का असर देखो,सब  पे  बराबर  है,बिछावन पर दुबके, ओढ़े कम्बल है। सर्द हवा चल रही,ठिठुर रहा[...]

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Ram Kishore Pathak

माँ शारदे-राम किशोर पाठकमाँ शारदे-राम किशोर पाठक

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धरणी छंद वर्णिक माँ शारदे, दया दिखलाओ। दे बुद्धि को, कृपा बरसाओ।। कोई कहे, तुम्हें बलशाली।मानें सदा, तुम्हें सब काली।।माता[...]

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Ram Kishore Pathak

कोहरा – उल्लाला छंद गीत – राम किशोर पाठककोहरा – उल्लाला छंद गीत – राम किशोर पाठक

0 Comments 11:40 pm

कोहरा – उल्लाला छंद गीत – राम किशोर पाठक सभी लोग हैं काँपते, सर्दी सबको खल रही। फैल गया है[...]

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