शारदे वंदना- अरुण छंद गीत – राम किशोर पाठक सुर सभी, साध लूँ, मातु जो प्यार दे। प्यार दे, तार[...]
Category: छंद
दोहा – राम किशोर पाठकदोहा – राम किशोर पाठक
दोहा – राम किशोर पाठक दोहे छाया पति मार्तण्ड का, स्वागत करती भोर। पक्षीगण गायन करें, नृत्य करे वन मोर।।[...]
ऋतु कुसुमाकर-राम किशोर पाठकऋतु कुसुमाकर-राम किशोर पाठक
लाना फूलों की सब माला। ऋतु कुसुमाकर आने वाला।। गुरुवर सबको बोल रहे हैं। राज सभी से खोल रहे हैं।।[...]
कलाधर छंद – रामपाल प्रसाद सिंह अनजानकलाधर छंद – रामपाल प्रसाद सिंह अनजान
कलाधर छंद – रामपाल प्रसाद सिंह अनजान सुधीर छोड़ते निशान हैं। भारतीय लोग हैं विचारवान पुण्यवान, देश में यहाॅं-वहाॅं नई-नई[...]
बसंत- दोहा छंद गीत – राम किशोर पाठकबसंत- दोहा छंद गीत – राम किशोर पाठक
बसंत- दोहा छंद गीत – राम किशोर पाठक सर्दी से है काँपते, जाने कब हो अंत। हमें बचाने आ रहा,[...]
चित्राधारित सृजन करता मैं रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ छंद विधाताचित्राधारित सृजन करता मैं रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ छंद विधाता
चित्राधारित सृजन करता मैं रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ छंद विधाता यहाॅं कुछ लोग हैं दिखते, सुवासित कर रहे जग को।[...]
दुनिया दौलत वालों की – मनहरण घनाक्षरी छंद – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’दुनिया दौलत वालों की – मनहरण घनाक्षरी छंद – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
दुनिया दौलत वालों की मनहरण घनाक्षरी छंद भाग-१ किसी को तो दूध-भात मक्खन सुहाता नहीं, किसी को नमक-रोटी, मिलता न[...]
सर्दी का असर. .भावानंद सिंहसर्दी का असर. .भावानंद सिंह
—- धनाक्षरी छंद ————————-शीत का असर देखो,सब पे बराबर है,बिछावन पर दुबके, ओढ़े कम्बल है। सर्द हवा चल रही,ठिठुर रहा[...]
माँ शारदे-राम किशोर पाठकमाँ शारदे-राम किशोर पाठक
धरणी छंद वर्णिक माँ शारदे, दया दिखलाओ। दे बुद्धि को, कृपा बरसाओ।। कोई कहे, तुम्हें बलशाली।मानें सदा, तुम्हें सब काली।।माता[...]
कोहरा – उल्लाला छंद गीत – राम किशोर पाठककोहरा – उल्लाला छंद गीत – राम किशोर पाठक
कोहरा – उल्लाला छंद गीत – राम किशोर पाठक सभी लोग हैं काँपते, सर्दी सबको खल रही। फैल गया है[...]
