*आपस में प्यार हो*(मनहरण घनाक्षरी छंद)**********************कोई कहे लाख बुरा- करता बुराई नहीं, *अवगुण गुण बन-जाए सद्विचार हो*। यदि हो अभिन्न[...]
Category: छंद
सत्य अगर बोलूं..रामकिशोर पाठकसत्य अगर बोलूं..रामकिशोर पाठक
सत्य अगर बोलूँ- महा_शशिवदना छंद सत्य अगर बोलूँ, रूठ सभी जाते।झूठ कभी बोलूँ, संग चले आते।। मुश्किल होती है, सत[...]
शब्दों के मोती..रामकिशोर पाठकशब्दों के मोती..रामकिशोर पाठक
शब्दों के मोती- महा_शशिवदना छंद शब्दों के मोती, मैं चुनकर आऊँ।कैसे भी उनको, सुंदर कर जाऊँ।। उनसे है बनता, गीतों[...]
गणेश वंदना..राम किशोर पाठकगणेश वंदना..राम किशोर पाठक
गणेश वंदना- सीता छंद देव तेरी वंदना जो, नित्य ही गाया करूँ। दिव्य तेरे रूप का मैं, दर्श जो पाया[...]
तू बचा ले .रामपाल प्रसाद सिंहतू बचा ले .रामपाल प्रसाद सिंह
सीता छंद वर्णिक 15 वर्ण 2122-2122=2122-212तू बचा ले डूबने से।**************************लूटती लज्जा हमारी,नैन क्यों ना खोलते।खो गया है धैर्य मेरा,हो तराजू[...]
दोहा छंद…रामकिशोर पाठकदोहा छंद…रामकिशोर पाठक
प्रयास- दोहा छंद गीत मिलता जिससे हैं उन्हें, जीवन में आराम।कर प्रयास हैं साधते, कर्मठ सारे काम।। मिल जाते भगवान[...]
तन्हा तन्हा..राम किशोर पाठकतन्हा तन्हा..राम किशोर पाठक
कुण्डलिया तन्हा-तन्हा है आज-कल, यहाँ सकल संसार।कारण इसका क्या भला, करिए जरा विचार।।करिए जरा विचार, कभी खुद को भी झाँके।बना[...]
भजन..रामकिशोर पाठकभजन..रामकिशोर पाठक
प्रभु नाम का कर ले – विधाता छंद गीत फलेगा काम सब तेरा, शरण अब राम तुम धर ले।मिटेगा पाप[...]
हे सखी! – पथिका छंद – राम किशोर पाठकहे सखी! – पथिका छंद – राम किशोर पाठक
हे सखी! – पथिका छंद – राम किशोर पाठक हे सखी! मुझे बतलाओ। कैसे रहूँ बिना साजन के, बैठी घर[...]
संविधान- लावणी छंद – राम किशोर पाठकसंविधान- लावणी छंद – राम किशोर पाठक
संविधान- लावणी छंद – राम किशोर पाठक नीति नियम का ग्रंथ यही है, जिसके सन्मुख समरस रहते। देश चलाते हैं[...]
