भाषा अच्छी बोलना,मुख का है शृंगार।संधारित जिसने किये,लूट लिए संसार।। लूट लिए संसार,स्वर्ग सुंदर मुस्काया।अवतारण की चाह,देव मानस पर छाया।।[...]
Category: छंद
आमोद हारी मुरारी- सर्वगामी/ अग्र सवैया छंद – राम किशोर पाठकआमोद हारी मुरारी- सर्वगामी/ अग्र सवैया छंद – राम किशोर पाठक
आमोद हारी मुरारी- सर्वगामी/ अग्र सवैया छंद – राम किशोर पाठक आमोद हारी मुरारी सुनो भक्त का, भक्त[...]
धनतरेस रामकिशोर पाठकधनतरेस रामकिशोर पाठक
धनतेरस – मनहरण घनाक्षरी धनतेरस है आया, लेकर धन की माया, बाजार धूम मचाया, हाट गुलजार है। करना है दीप-दान,[...]
धनतरेस -रामपाल प्रसाद सिंहधनतरेस -रामपाल प्रसाद सिंह
धनतेरस। रोला छंद । पावन कार्तिक मास,स्वर्ग से सुंदर भाता। त्रयोदशी का योग,कृष्ण पक्ष अति सुहाता। प्रकट हुए धनदेव, ग्रंथ[...]
मीठी बोली- रामपाल प्रसाद सिंहमीठी बोली- रामपाल प्रसाद सिंह
मीठी बोली। कोयल के लिए स्वर,अनमोल सरोवर, डूबने को हर लोग,चाहते हैं दिन-रात। काक काला लिए रंग,कंठस्थ है स्वरभंग, करते[...]
चरणों की भक्ति -जैनेन्द्र प्रसाद रविचरणों की भक्ति -जैनेन्द्र प्रसाद रवि
चरणों की भक्ति रूप घनाक्षरी छंद दानवों का दुनिया में अत्याचार बढ़ा जब, धरा की पुकार सुन, लिया तब अवतार।[...]
बालिका शिक्षा -रामकिशोर पाठकबालिका शिक्षा -रामकिशोर पाठक
बालिका शिक्षा सही गलत का निर्णय सारा, खुद उनके हीं हाथ हो।। सुखी सदा हो तभी बालिका, जब शिक्षा का[...]
दोहा – राम किशोर पाठकदोहा – राम किशोर पाठक
दोहा जैसे ही रचना हुई, दोहा-छंद प्रधान। वैसे ही मिलने लगा, लोगों से सम्मान।।०१।। दोहा-मात्रिक छंद है, सुंदर मनहर-गेय। मैं[...]
करवा चौथ रामपाल प्रसाद सिंहकरवा चौथ रामपाल प्रसाद सिंह
करवा चौथ गीतिका छंद दो हृदय सद्भावना के,मिल रहें विश्वास में। चंद्रमा आशीष भरने,आ रहा आकाश में।। चौथ करवा दिन[...]
शरद पुर्णिमा- राम किशोर पाठकशरद पुर्णिमा- राम किशोर पाठक
शरद पूर्णिमा- महामंगला छंद गीत स्वागत करती किरण, सोम देव मुस्कात। सुरभित शीतल शरद, मनभावन यह रात।। रजनी व्याकुल अजब,[...]
