Category: छंद

कुंडलिया.रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’कुंडलिया.रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

0 Comments 2:31 pm

भाषा अच्छी बोलना,मुख का है शृंगार।संधारित जिसने किये,लूट लिए संसार।। लूट लिए संसार,स्वर्ग सुंदर मुस्काया।अवतारण की चाह,देव मानस पर छाया।।[...]

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धनतरेस रामकिशोर पाठकधनतरेस रामकिशोर पाठक

0 Comments 8:08 am

धनतेरस – मनहरण घनाक्षरी धनतेरस है आया, लेकर धन की माया, बाजार धूम मचाया, हाट गुलजार है। करना है दीप-दान,[...]

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धनतरेस -रामपाल प्रसाद सिंहधनतरेस -रामपाल प्रसाद सिंह

0 Comments 8:03 am

धनतेरस। रोला छंद । पावन कार्तिक मास,स्वर्ग से सुंदर भाता। त्रयोदशी का योग,कृष्ण पक्ष अति सुहाता। प्रकट हुए धनदेव, ग्रंथ[...]

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मीठी बोली- रामपाल प्रसाद सिंहमीठी बोली- रामपाल प्रसाद सिंह

0 Comments 7:30 am

मीठी बोली। कोयल के लिए स्वर,अनमोल सरोवर, डूबने को हर लोग,चाहते हैं दिन-रात। काक काला लिए रंग,कंठस्थ है स्वरभंग, करते[...]

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चरणों की भक्ति -जैनेन्द्र प्रसाद रविचरणों की भक्ति -जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 11:20 am

चरणों की भक्ति रूप घनाक्षरी छंद दानवों का दुनिया में अत्याचार बढ़ा जब, धरा की पुकार सुन, लिया तब अवतार।[...]

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Ram Kishor Pathak

बालिका शिक्षा -रामकिशोर पाठकबालिका शिक्षा -रामकिशोर पाठक

0 Comments 11:01 pm

बालिका शिक्षा सही गलत का निर्णय सारा, खुद उनके हीं हाथ हो।। सुखी सदा हो तभी बालिका, जब शिक्षा का[...]

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Ram Kishor Pathak

दोहा – राम किशोर पाठकदोहा – राम किशोर पाठक

0 Comments 10:58 pm

दोहा जैसे ही रचना हुई, दोहा-छंद प्रधान। वैसे ही मिलने लगा, लोगों से सम्मान।।०१।। दोहा-मात्रिक छंद है, सुंदर मनहर-गेय। मैं[...]

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करवा चौथ रामपाल प्रसाद सिंहकरवा चौथ रामपाल प्रसाद सिंह

0 Comments 8:03 am

करवा चौथ गीतिका छंद दो हृदय सद्भावना के,मिल रहें विश्वास में। चंद्रमा आशीष भरने,आ रहा आकाश में।। चौथ करवा दिन[...]

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Ram Kishor Pathak

शरद पुर्णिमा- राम किशोर पाठकशरद पुर्णिमा- राम किशोर पाठक

0 Comments 12:45 pm

शरद पूर्णिमा- महामंगला छंद गीत स्वागत करती किरण, सोम देव मुस्कात। सुरभित शीतल शरद, मनभावन यह रात।। रजनी व्याकुल अजब,[...]

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