Category: छंद

Ram Kishor Pathak

शरद पूर्णिमा – महामंगला छंद, राम किशोर पाठकशरद पूर्णिमा – महामंगला छंद, राम किशोर पाठक

0 Comments 8:44 pm

देखो आया शुभद, आज कई संयोग। रजनी लगती नवल, चकवा का हठयोग।। पूनम सुंदर धवल, लेकर आयी रूप। आज पूर्णिमा[...]

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दशहरा -दोहावली रामकिशोर पाठकदशहरा -दोहावली रामकिशोर पाठक

0 Comments 10:51 am

दशहरा- दोहावली उस रावण को मारिए, जिसका मन पर राज। सफल तभी यह दशहरा, कह पाएँगे आज।।०१।। करते पुतला का[...]

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बहती गंगा-सी पुण्यधार रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’बहती गंगा-सी पुण्यधार रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

0 Comments 6:38 pm

पद्धरी छंद सम-मात्रिक छंद, 16 मात्राएँ आरंभ द्विकल से, पदांत Sl अनिवार्य।   मां सिद्धिदायिनी दिव्य भाल। दिखते हैं सागर[...]

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बेटी -प्रदीप छंद गीत – राम किशोर पाठकबेटी -प्रदीप छंद गीत – राम किशोर पाठक

0 Comments 11:15 pm

बेटी- प्रदीप छंद गीत घर आँगन की शोभा बेटी, ईश्वर का वरदान है। जिस घर में रहती है बेटी, बढ़ता[...]

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माँ जब भजते- तीव्र अश्वगति छंद – राम किशोर पाठकमाँ जब भजते- तीव्र अश्वगति छंद – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:09 pm

माँ जब भजते- तीव्र/अश्वगति छंद साधक याचक सा मन लेकर, धीरज धरते। माँ उनके घर आँगन आकर, कौतुक करते।। माँ[...]

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वंदनवार -रामपाल प्रसाद सिंहवंदनवार -रामपाल प्रसाद सिंह

0 Comments 12:13 pm

वंदनवार सजे शारदा प्रदीप छंद चंद्रघंटा प्रथम शैलजा स्वागत सर्वत:,ब्रह्मचारिणी नाम का। रूप तृतीया सौरभ छाया,दिव्य लोक सुरधाम का।। शक्तिपुंज[...]

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छंद -रामपाल प्रसादछंद -रामपाल प्रसाद

0 Comments 12:08 pm

शीतलता के बीच बहाती,रहती तू रस-धार है! नीले-नीले नभ-मंदिर से,हे माते!हो जा प्रकट, उत्कट प्रत्याशा में ॲंखियाॅं,राह तकी है एकटक।[...]

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है मान बाकी राम किशोर पाठकहै मान बाकी राम किशोर पाठक

0 Comments 6:37 pm

है मान बाकी – शिखंडिनी छंद किसे हम कहें, बातें पुरानी। रहा कुछ नहीं, बाकी कहानी।। जिन्हें सुबह से, ढूँढा[...]

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कर्मठ संस्कारी बच्चे -जैनेंद्र प्रसादकर्मठ संस्कारी बच्चे -जैनेंद्र प्रसाद

0 Comments 10:22 pm

कर्मठ संस्कारी बच्चे बाल सृजन रूप घनाक्षरी छंद में कर्मठ संस्कारी बच्चे, कहलाते हैं वे अच्छे, सबसे अलग निज, बनाते[...]

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महाकाल -जैनेन्द्र प्रसादमहाकाल -जैनेन्द्र प्रसाद

0 Comments 11:48 am

महाकाल की देवघर सोमनाथ, काशी व अमरनाथ, उज्जैन नगर बीच, बसे महाकाल हैं। भोलेनाथ उमापति, बनके जगतपति, शरणागत भक्तों का-वे[...]

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