धनतेरस। रोला छंद । पावन कार्तिक मास,स्वर्ग से सुंदर भाता। त्रयोदशी का योग,कृष्ण पक्ष अति सुहाता। प्रकट हुए धनदेव, ग्रंथ[...]
Category: छंद
मीठी बोली- रामपाल प्रसाद सिंहमीठी बोली- रामपाल प्रसाद सिंह
मीठी बोली। कोयल के लिए स्वर,अनमोल सरोवर, डूबने को हर लोग,चाहते हैं दिन-रात। काक काला लिए रंग,कंठस्थ है स्वरभंग, करते[...]
चरणों की भक्ति -जैनेन्द्र प्रसाद रविचरणों की भक्ति -जैनेन्द्र प्रसाद रवि
चरणों की भक्ति रूप घनाक्षरी छंद दानवों का दुनिया में अत्याचार बढ़ा जब, धरा की पुकार सुन, लिया तब अवतार।[...]
बालिका शिक्षा -रामकिशोर पाठकबालिका शिक्षा -रामकिशोर पाठक
बालिका शिक्षा सही गलत का निर्णय सारा, खुद उनके हीं हाथ हो।। सुखी सदा हो तभी बालिका, जब शिक्षा का[...]
दोहा – राम किशोर पाठकदोहा – राम किशोर पाठक
दोहा जैसे ही रचना हुई, दोहा-छंद प्रधान। वैसे ही मिलने लगा, लोगों से सम्मान।।०१।। दोहा-मात्रिक छंद है, सुंदर मनहर-गेय। मैं[...]
करवा चौथ रामपाल प्रसाद सिंहकरवा चौथ रामपाल प्रसाद सिंह
करवा चौथ गीतिका छंद दो हृदय सद्भावना के,मिल रहें विश्वास में। चंद्रमा आशीष भरने,आ रहा आकाश में।। चौथ करवा दिन[...]
शरद पुर्णिमा- राम किशोर पाठकशरद पुर्णिमा- राम किशोर पाठक
शरद पूर्णिमा- महामंगला छंद गीत स्वागत करती किरण, सोम देव मुस्कात। सुरभित शीतल शरद, मनभावन यह रात।। रजनी व्याकुल अजब,[...]
शरद ऋतु का दस्तक -जैनेंद्र प्रसाद रविशरद ऋतु का दस्तक -जैनेंद्र प्रसाद रवि
शरद् ऋतु का दस्तक अंधकार छंटते हीं, रवि की सवारी आया, बैठ तरु डाल पर, करते परिंदे शोर। पछियाँ जो[...]
शरद पूर्णिमा – गिरीन्द्र मोहन झाशरद पूर्णिमा – गिरीन्द्र मोहन झा
शरद पूर्णिमा की रात सुहावन, है अति मनभावन, चंद्रमा की चांदनी, उजाला, शीतलता, है अति पावन, चंद्रदेव अमृत-वृष्टि हैं कर[...]
जीवन सुंदर सरस – महामंगला छंद गीत, राम किशोर पाठकजीवन सुंदर सरस – महामंगला छंद गीत, राम किशोर पाठक
जीवन सुंदर सरस, लगता हरपल खास। कर्म करे जो सतत, होता नहीं उदास।। हारा मन कब सफल, मन के जीते[...]
