Category: छंद

Ram Kishor Pathak

बालिका शिक्षा -रामकिशोर पाठकबालिका शिक्षा -रामकिशोर पाठक

0 Comments 11:01 pm

बालिका शिक्षा सही गलत का निर्णय सारा, खुद उनके हीं हाथ हो।। सुखी सदा हो तभी बालिका, जब शिक्षा का[...]

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Ram Kishor Pathak

दोहा – राम किशोर पाठकदोहा – राम किशोर पाठक

0 Comments 10:58 pm

दोहा जैसे ही रचना हुई, दोहा-छंद प्रधान। वैसे ही मिलने लगा, लोगों से सम्मान।।०१।। दोहा-मात्रिक छंद है, सुंदर मनहर-गेय। मैं[...]

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करवा चौथ रामपाल प्रसाद सिंहकरवा चौथ रामपाल प्रसाद सिंह

0 Comments 8:03 am

करवा चौथ गीतिका छंद दो हृदय सद्भावना के,मिल रहें विश्वास में। चंद्रमा आशीष भरने,आ रहा आकाश में।। चौथ करवा दिन[...]

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Ram Kishor Pathak

शरद पुर्णिमा- राम किशोर पाठकशरद पुर्णिमा- राम किशोर पाठक

0 Comments 12:45 pm

शरद पूर्णिमा- महामंगला छंद गीत स्वागत करती किरण, सोम देव मुस्कात। सुरभित शीतल शरद, मनभावन यह रात।। रजनी व्याकुल अजब,[...]

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शरद ऋतु का दस्तक -जैनेंद्र प्रसाद रविशरद ऋतु का दस्तक -जैनेंद्र प्रसाद रवि

0 Comments 8:48 am

शरद् ऋतु का दस्तक अंधकार छंटते हीं, रवि की सवारी आया, बैठ तरु डाल पर, करते परिंदे शोर। पछियाँ जो[...]

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GRINDRA MOHAN JHA

शरद पूर्णिमा – गिरीन्द्र मोहन झाशरद पूर्णिमा – गिरीन्द्र मोहन झा

0 Comments 10:29 pm

शरद पूर्णिमा की रात सुहावन, है अति मनभावन, चंद्रमा की चांदनी, उजाला, शीतलता, है अति पावन, चंद्रदेव अमृत-वृष्टि हैं कर[...]

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शरद पूर्णिमा, रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’शरद पूर्णिमा, रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

0 Comments 9:20 pm

विधाता छंदधारित मुक्तक शरद पूर्णिमा कहीं संगम कहीं तीरथ, धरा पर पुण्य बहते हैं, मगर जो आज देखेंगे, कहेंगे व्यर्थ[...]

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Ram Kishor Pathak

मनहर कृष्ण- महामंगला छंद, राम किशोर पाठकमनहर कृष्ण- महामंगला छंद, राम किशोर पाठक

0 Comments 9:02 pm

अंजन धारे सतत, कृष्ण कन्हाई नैन। देख लिया जो अगर, कैसे पाए चैन।। मूरत मनहर सुघर, मिले न कोई और।[...]

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Ram Kishor Pathak

संशय में कृष्ण- महामंगला छंद- राम किशोर पाठकसंशय में कृष्ण- महामंगला छंद- राम किशोर पाठक

0 Comments 8:58 pm

कृष्ण कन्हैया अगर, आते मिलने आज। होते विस्मित मगर, देख सभी के काज। माखन मिसरी सहज, उनको देता कौन। दुनिया[...]

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