Category: छंद

जीने का अधिकार – राम किशोर पाठकजीने का अधिकार – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:01 pm

छंद – दोहा जीने का अधिकार है, सबको एक समान। जीव-जंतु सबका करें, रक्षा बन बलवान।।१।। रखिए हरपल हीं यहॉं,[...]

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दर्पण- राम किशोर पाठकदर्पण- राम किशोर पाठक

0 Comments 6:36 pm

छंद – दोहा किरणें आती जो रही, लौटाती उस ओर। सतह परावर्तक सदा, कहलाती वह छोर।। सतह परावर्तन करे, दर्पण[...]

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मर्यादा की रास में – राम किशोर पाठक मर्यादा की रास में – राम किशोर पाठक 

0 Comments 6:19 pm

दोहा छंद मर्यादा की रास में, पंचवटी में राम। शूर्पणखा आकर वहॉं, देख रही अविराम।।१।। सूरत मोहित कर गया, जगी[...]

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विश्व विरासत दिवस – राम किशोर पाठकविश्व विरासत दिवस – राम किशोर पाठक

0 Comments 6:47 pm

मनहरण घनाक्षरी सभ्यता का इतिहास, मिले जानकारी खास, करे विश्व एहसास, धरोहर पाइए। अठारह अप्रैल को, संस्कृति संरक्षण को, भूतल[...]

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समरसता हो सदा सभी में – मनु कुमारीसमरसता हो सदा सभी में – मनु कुमारी

0 Comments 5:34 pm

समरसता हो सदा सभी में, शास्त्र यही बतलाता है। शांति और सद्भाव बनाकर,मानव बस यह पाता है।। मीठी बोली कड़वेपन[...]

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विश्वास और अभ्यास का छंद सोरठाविश्वास और अभ्यास का छंद सोरठा

0 Comments 8:50 pm

छंदों का अभ्यास, रोज कौन सीखा रहा। पूरा है विश्वास, लगन सिखाती है सही।। मात शारदे आस, जो ठुकरा सकती[...]

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बैशाखी का पर्व है: विधा: मनहरण घनाक्षरी– रामकिशोर पाठकबैशाखी का पर्व है: विधा: मनहरण घनाक्षरी– रामकिशोर पाठक

0 Comments 5:01 pm

कहते मेष संक्रांति, है विषुवत संक्रांति, फसल कटाई शांति, बैशाखी का पर्व है। सूर्य का मेष प्रवेश, पंज प्यारे धर[...]

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महावीर – रामकिशोर पाठकमहावीर – रामकिशोर पाठक

0 Comments 8:38 am

छह सौ साल ईसा पूर्व का, वैशाली शुभ धाम। कुण्डग्राम में जन्म हुआ, बर्धमान था नाम।। थी चैत्र शुक्ल की[...]

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नूतन वर्ष – रामकिशोर पाठकनूतन वर्ष – रामकिशोर पाठक

0 Comments 1:32 pm

लो नूतन वर्ष सनातन का, आज शुरू होने आया। चैत्र शुक्ल की प्रतिपदा यही, प्रथम दिवस है कहलाया। प्रकृति लिए[...]

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