छंद – दोहा जीने का अधिकार है, सबको एक समान। जीव-जंतु सबका करें, रक्षा बन बलवान।।१।। रखिए हरपल हीं यहॉं,[...]
Category: छंद
दर्पण- राम किशोर पाठकदर्पण- राम किशोर पाठक
छंद – दोहा किरणें आती जो रही, लौटाती उस ओर। सतह परावर्तक सदा, कहलाती वह छोर।। सतह परावर्तन करे, दर्पण[...]
मर्यादा की रास में – राम किशोर पाठक मर्यादा की रास में – राम किशोर पाठक
दोहा छंद मर्यादा की रास में, पंचवटी में राम। शूर्पणखा आकर वहॉं, देख रही अविराम।।१।। सूरत मोहित कर गया, जगी[...]
विश्व विरासत दिवस – राम किशोर पाठकविश्व विरासत दिवस – राम किशोर पाठक
मनहरण घनाक्षरी सभ्यता का इतिहास, मिले जानकारी खास, करे विश्व एहसास, धरोहर पाइए। अठारह अप्रैल को, संस्कृति संरक्षण को, भूतल[...]
समरसता हो सदा सभी में – मनु कुमारीसमरसता हो सदा सभी में – मनु कुमारी
समरसता हो सदा सभी में, शास्त्र यही बतलाता है। शांति और सद्भाव बनाकर,मानव बस यह पाता है।। मीठी बोली कड़वेपन[...]
विश्वास और अभ्यास का छंद सोरठाविश्वास और अभ्यास का छंद सोरठा
छंदों का अभ्यास, रोज कौन सीखा रहा। पूरा है विश्वास, लगन सिखाती है सही।। मात शारदे आस, जो ठुकरा सकती[...]
दोहावली – मनु कुमारीदोहावली – मनु कुमारी
प्रेम प्रलोभन दे रही, खड़ी राम के पास। मन में थी यह चाहना, होगी पूरी आस।। मर्यादा की रास में,[...]
बैशाखी का पर्व है: विधा: मनहरण घनाक्षरी– रामकिशोर पाठकबैशाखी का पर्व है: विधा: मनहरण घनाक्षरी– रामकिशोर पाठक
कहते मेष संक्रांति, है विषुवत संक्रांति, फसल कटाई शांति, बैशाखी का पर्व है। सूर्य का मेष प्रवेश, पंज प्यारे धर[...]
महावीर – रामकिशोर पाठकमहावीर – रामकिशोर पाठक
छह सौ साल ईसा पूर्व का, वैशाली शुभ धाम। कुण्डग्राम में जन्म हुआ, बर्धमान था नाम।। थी चैत्र शुक्ल की[...]
नूतन वर्ष – रामकिशोर पाठकनूतन वर्ष – रामकिशोर पाठक
लो नूतन वर्ष सनातन का, आज शुरू होने आया। चैत्र शुक्ल की प्रतिपदा यही, प्रथम दिवस है कहलाया। प्रकृति लिए[...]
