बेटी हूँ , पढ़ सकती हूँ, लिख सकती हूँ । जिंदगी के कठिन राहें पर चल सकती हूँ ।। बेटी हूंँ , बोल सकती हूँ , सुन सकती हूँ ।…
Category: दिवस
बेटियां – संजय कुमार
ससुराल की परेशानियों से जब थक जाती है बेटियां, तब कुछ दिन मन बहलाने के लिए मायके आती है बेटियां। आते ही वहीं दहलीज़ पर चिंता की लिबास उतार देती…
बेटी – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
ममता बड़ी प्यारी है, समता बड़ी न्यारी है, बेटी ही तो बनती माँ, माँ की परछाईं है। मानवता की जान है, देश का अभिमान है, नील गगन से जाके, आँख…
कुंडलिया – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
बेटी से नित बढ़ रहा, आज देश का मान। बेटों से आगे सदा, रहते इनके काम।। रहते इनके काम, देश की शान बढ़ाती। यही सृष्टि का धाम, यही संसार रचाती।…
बिटिया – मीरा सिंह ‘मीरा”
बिटिया है पहचान हमारी बिटिया है अरमान हमारी। घर आंगन की रौनक बिटिया होठों की मुस्कान हमारी। हर बाधा से टकराती है बिटिया रखती मान हमारी। आंखों की पुतली लगती…
बेटी दिवस पर समर्पित – मणिकांत मणि
हर घर-घर की मान है बेटी। माथे का स्वाभिमान है बेटी। जीवन के अरमान है बेटी। वसुंधरा पर गुमान है बेटी। जिसके घर न बेटी जन्मी, बेटी खातिर तरस रहा।…
बेटियाँ – रूचिका
बेटियाँ बनकर रहमत जिंदगी में आती, गौरैया सी आँगन में फुदक फुदक कर, घर आँगन की देखो शोभा है बढाती, जोड़ती है दो परिवारों को अपने प्रेम से कुछ इस…
रामधारी सिंह दिनकर – नीतू रानी
जिनके सिंहनाद से सहमी धरती है रही अभी तक डोल, ✒️ कलम आज उनकी जय बोल ✒️ कलम आज उनकी जय बोल। आज है 23सितंबर का दिन आज का दिन…
बंधन प्रीत के – संजय कुमार
आपसे ही बंधी,मेरे जीवन की हर डोर आपसे ही पिया सांझ है,आपसे ही भोर। आप ही मेरे,मनमंदिर के अप्रतिम देव, मैं आपकी प्राणेश्वरी,आप मेरे महादेव। आपके कदमों में ही,मेरा सकल…
ईश्वर की लीला जान – एस.के.पूनम
खींची रेखा किस्मत की, बर्षों की थी इंतजार, कोसों दूर आन मिली,ईश्वर की लीला जान। माँग है सिंदूरी लाल, बिंदिया है सजी भाल मुस्कान अधरों पर,पतिव्रता अभिमान। करती निर्जला व्रत,…