Category: बाल कविता

Amarnath Trivedi

सपने को साकार करें हम – अमरनाथ त्रिवेदीसपने को साकार करें हम – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 1:49 pm

सपने को साकार करें हम गलत बातों में कभी  नहीं पड़ेंगे, अपने  सपने को  साकार करेंगे । हर पल चिता[...]

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बचपन अपना – प्रहरणकलिका छंद – राम किशोर पाठकबचपन अपना – प्रहरणकलिका छंद – राम किशोर पाठक

0 Comments 1:48 pm

बचपन अपना – प्रहरणकलिका छंद हरपल सबसे मिलकर कहते। हम-सब अपने बनकर रहते।। बरबस कुछ भी कब हम करते। सुरभित[...]

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Amarnath Trivedi

आओ वृक्ष, लता को जानें- अमरनाथ त्रिवेदीआओ वृक्ष, लता को जानें- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 11:37 am

आओ वृक्ष, लता को जानें आओ बच्चों तुम्हे पहचान कराएँ , वृक्ष , लता आदि का ज्ञान कराएँ । इनमें[...]

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हमें तरु-मित्र बनना होगा- राम किशोर पाठकहमें तरु-मित्र बनना होगा- राम किशोर पाठक

0 Comments 7:43 am

हमें तरु-मित्र बनना होगा नया सोपान गढ़ना होगा। हमें तरु-मित्र बनना होगा।। दादा के रोपें पेड़ों से, हमने है कितने[...]

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Amarnath Trivedi

खुशी-खुशी हम पढ़ने जाएँ- अमरनाथ त्रिवेदीखुशी-खुशी हम पढ़ने जाएँ- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 1:11 pm

खुशी खुशी हम पढ़ने जाएँ खुशी खुशी हम पढ़ने   जाएँ, ध्यान से हम सब ज्ञान भी पाएँ। टोली बनाकर स्कूल[...]

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सच हो जाएँ सारे सपने – राम किशोर पाठकसच हो जाएँ सारे सपने – राम किशोर पाठक

0 Comments 1:10 pm

सच हो जाएँ सारे सपने मुस्कान सजाकर होंठों पर, हरपल को जीना हम सीखें। आओं अपने कर्मों से अब, हम-सब[...]

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Amarnath Trivedi

आओ बच्चों खेलें खेल – अमरनाथ त्रिवेदीआओ बच्चों खेलें खेल – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 10:22 pm

आओ बच्चों खेलें खेल आओ   बच्चों   खेलें    खेल , सब  बच्चों  से  कर  लें  मेल । खेलकूद हमेशा  संयम  से  [...]

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आऍं गुरु से तिलक लगा लें- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान ‘आऍं गुरु से तिलक लगा लें- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान ‘

0 Comments 10:20 pm

आऍं गुरु से तिलक लगा लें आऍं गुरु से तिलक लगा लें, काली छाया दूर भगा लें, बीत गई गर्मी[...]

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अपना हमें समर्पण दे दो- राम किशोर पाठकअपना हमें समर्पण दे दो- राम किशोर पाठक

0 Comments 10:17 pm

अपना हमें समर्पण दे दो – बाल कविता कूद कूदकर आते बच्चे। कुछ सहमें इठलाते बच्चे।। कहना चाह रहे कुछ[...]

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मंजिल तुझे पुकारे – दिग्पाल छंद बाल गीत – राम किशोर पाठकमंजिल तुझे पुकारे – दिग्पाल छंद बाल गीत – राम किशोर पाठक

0 Comments 7:54 am

मंजिल तुझे पुकारे – दिग्पाल छंद बाल गीत बच्चों कभी न रोना, हिम्मत कभी न खोना। मंजिल तुझे पुकारे, थककर[...]

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