आया बसंत आया बसंत आया बसंत आया बसंत सबके मन को भाया बसंत दादूर मोर पपीहा बोले कोयल के मन पीहू बोले आमों में मंजर लद…
Category: साल कविता
नव वर्ष -भावानंद सिंह
नववर्ष नये वर्ष का उत्साह, देखते ही बनता है, आओ करें सुस्वागत, सबको बधाई है। नाच रहे नर- नारी, ढोल नगाड़े संग है, खुशी मनाने की,सबपर मस्ती छाई है। विगत…
क्या बदलाव लायेगा नया साल-विवेक कुमार
बीते को भुलाना, नए को अपनाना, जो खोया उसका रोना, पाए पर इतराना, अच्छाई से दोस्ती, बुराई से घबड़ाना, खट्टी मीठी यादों का बीता सफर सुहाना, यादों के झरोखों से…