Category: Karun

Sanyukta

दो जून की रोटी-संयुक्ता कुमारीदो जून की रोटी-संयुक्ता कुमारी

0 Comments 4:07 pm

दो जून की रोटी किस्मत से नसीब होती है दो जून की रोटी। चहुँ ओर कोरोना हाहाकार मचाये दुनिया है[...]

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Dilip choudhary

गांधारी का विलाप-दिलीप कुमार चौधरीगांधारी का विलाप-दिलीप कुमार चौधरी

0 Comments 9:45 pm

  गांधारी का विलाप  महाभारत का हुआ था अंत ; मचा था हाहाकार दिग्दिगंत । रण-भूमि में बिखरी थीं लाशें[...]

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Aprajita

गोरैया की आत्म व्यथा-अपराजिता कुमारीगोरैया की आत्म व्यथा-अपराजिता कुमारी

0 Comments 4:58 pm

गौरैया की आत्मव्यथा मैं हूँ चुलबुली सी गौरैया स्थिर नहीं मैं रह पाती हूंँ, चहक चहक कर फुदक फुदक कर[...]

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Jainendra

समय-जैनेन्द्र प्रसाद रविसमय-जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 11:25 am

समय हवा शुद्ध है फिर भी हम, मास्क आज लगाते हैं। खाली सड़कें रहने पर भी, ड्राइव पर नहीं निकल[...]

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