वंदनवार सजे शारदा – कुंडलिया छंद – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

पेड़ लगा मां के नाम से, होंगे जग में नाम। उनके ही नेपथ्य में, पाना चिर विश्राम।। पाना चिर विश्राम, जगत में स्वर्ग मिलेगा। श्रम सुंदर तालाब के, पंक में…

पेड़- गिरीन्द्र मोहन झा

पेड़ बीज को अंकुरित होने में भी लगता है संघर्ष, पौधे धीरे-धीरे बढ़कर हो जाते हैं पेड़, यह पतझड़-वसंत-ग्रीष्म-वृष्टि-शीत, सबको सहता है, सबका आनंद लेता है, उचित समय के अनुसार,…

मन कहे वाह वाह – एस.के.पूनम

🙏कृष्णाय नमः🙏 विधा:-रूपघनाक्षरी (मन कहे वाह वाह) हरी-भरी घास पर, ओश करे जगमग, प्रकृति की छटा देख,मन कहे वाह-वाह। रवि कहे धरनी से, होना है निडर सखि, धूप-छाँह होते-होते,कटते हैं…

बैगलेस हुआ शनिवार -नवाब मंजूर

प्रत्येक शनिवार को अब से हम बिन बस्ते के स्कूल आएंगे फिर भी ज्ञान भरपूर पाएंगे मस्ती मस्ती में ही बहुत कुछ सीख जाएंगे! गिनती पहाड़ा एबीसीडी नई नई गतिविधि…

उन्मुक्त गगन उन्मुक्त शिक्षा – नवाब मंजूर

उन्मुक्त गगन उन्मुक्त शिक्षा प्रत्येक शनिवार को अब से हम बिन बस्ते के स्कूल आएंगे फिर भी ज्ञान भरपूर पाएंगे मस्ती मस्ती में ही बहुत कुछ सीख जाएंगे! गिनती पहाड़ा…