पेड़ लगा मां के नाम से, होंगे जग में नाम। उनके ही नेपथ्य में, पाना चिर विश्राम।। पाना चिर विश्राम, जगत में स्वर्ग मिलेगा। श्रम सुंदर तालाब के, पंक में…
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देश हमारा -राम किशोर पाठक
देश हमारा हरपल आगे। भारत वासी जब-जब जागे।। आदर देते हम-सब आएँ। भारत माँ की जय-जय गाएँ।। देव यहीं भूतल पर आते। धन्य धरा को कर सब जाते।। भूतल है…
पेड़- गिरीन्द्र मोहन झा
पेड़ बीज को अंकुरित होने में भी लगता है संघर्ष, पौधे धीरे-धीरे बढ़कर हो जाते हैं पेड़, यह पतझड़-वसंत-ग्रीष्म-वृष्टि-शीत, सबको सहता है, सबका आनंद लेता है, उचित समय के अनुसार,…
मन कहे वाह वाह – एस.के.पूनम
🙏कृष्णाय नमः🙏 विधा:-रूपघनाक्षरी (मन कहे वाह वाह) हरी-भरी घास पर, ओश करे जगमग, प्रकृति की छटा देख,मन कहे वाह-वाह। रवि कहे धरनी से, होना है निडर सखि, धूप-छाँह होते-होते,कटते हैं…
फुर्सत में बस्ता -रंजीता शर्मा
मटक मटक कर बस्ता आया आज खुशी से गुड़िया संग घर पर आया तनकर बोला स्कूल मे आया नया उमंग शनिवार को नही करेगा बोझ तुम्हें बस्ते का तंग बिन…
बैगलेस हुआ शनिवार -नवाब मंजूर
प्रत्येक शनिवार को अब से हम बिन बस्ते के स्कूल आएंगे फिर भी ज्ञान भरपूर पाएंगे मस्ती मस्ती में ही बहुत कुछ सीख जाएंगे! गिनती पहाड़ा एबीसीडी नई नई गतिविधि…
उन्मुक्त गगन उन्मुक्त शिक्षा – नवाब मंजूर
उन्मुक्त गगन उन्मुक्त शिक्षा प्रत्येक शनिवार को अब से हम बिन बस्ते के स्कूल आएंगे फिर भी ज्ञान भरपूर पाएंगे मस्ती मस्ती में ही बहुत कुछ सीख जाएंगे! गिनती पहाड़ा…
चंदा मामा-ब्यूटी कुमारी
चंदा मामा बालक कहता है, चांद से चंदा मामा आओ ना चांदनी फैलाओ ना। अलग-अलग आकार है तेरा मुझे कहानी बताओ ना। अम्मा से कह रंग-बिरंगे कपड़े तेरे बनवाए मैंने…
हाथी राजा की शादी-अंजुमा बेगम
हाथी राजा की शादी “ह” से हाथी की बड़ी है शान, देखो पंखे जैसे इसके कान। हाथी राजा ने ब्याह रचाया, सारा जंगल बारात में आया। देखो वह है बन्दर…
चूहे और बिल्ली-सुधीर कुमार
बालगीत चूहे और बिल्ली एक खाली घर में थे रहते, बहुत से चूहे मिल के। खाते खेलते खूब थे सारे, करते बातें दिल के। बहुत था सुंदर जीवन उनका, नहीं…