चुनावी जुमले बाज़ी जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’ जंगल राज कह कर सबको डराते हैं, विकास-भ्रष्टाचार के, मूद्दे हुए गौण है।[...]
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आमोद हारी मुरारी- सर्वगामी/ अग्र सवैया छंद – राम किशोर पाठकआमोद हारी मुरारी- सर्वगामी/ अग्र सवैया छंद – राम किशोर पाठक
आमोद हारी मुरारी- सर्वगामी/ अग्र सवैया छंद – राम किशोर पाठक आमोद हारी मुरारी सुनो भक्त का, भक्त[...]
राष्ट्रीय एकता दिवस – राम किशोर पाठकराष्ट्रीय एकता दिवस – राम किशोर पाठक
राष्ट्रीय एकता दिवस दिवस राष्ट्रीय एकता वाला। लेकर समरसता का माला।। आओ इसकी कथा सुनाएँ। सरदार पटेल से मिलवाएँ।।[...]
बारिश और पकौड़े : बाल कविता – अवधेश कुमारबारिश और पकौड़े : बाल कविता – अवधेश कुमार
बारिश और पकौड़े : बाल कविता – अवधेश कुमार बाहर हो रही थी झमाझम बारिश, मन मे हो रही[...]
जीवन सुंदर सरस – महामंगला छंद गीत, राम किशोर पाठकजीवन सुंदर सरस – महामंगला छंद गीत, राम किशोर पाठक
जीवन सुंदर सरस, लगता हरपल खास। कर्म करे जो सतत, होता नहीं उदास।। हारा मन कब सफल, मन के जीते[...]
शरद पूर्णिमा, रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’शरद पूर्णिमा, रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
विधाता छंदधारित मुक्तक शरद पूर्णिमा कहीं संगम कहीं तीरथ, धरा पर पुण्य बहते हैं, मगर जो आज देखेंगे, कहेंगे व्यर्थ[...]
बादल, आशीष अम्बरबादल, आशीष अम्बर
छोटी-छोटी बूँदें लाएँ, ये मतवाले बादल, श्वेत-स्लेटी, नीले-पीले, भूरे-काले बादल। कैसे-कैसे रूप बदलते, करते जादू-मंतर, हाथी जैसे कभी मचलते,[...]
मनहर कृष्ण- महामंगला छंद, राम किशोर पाठकमनहर कृष्ण- महामंगला छंद, राम किशोर पाठक
अंजन धारे सतत, कृष्ण कन्हाई नैन। देख लिया जो अगर, कैसे पाए चैन।। मूरत मनहर सुघर, मिले न कोई और।[...]
संशय में कृष्ण- महामंगला छंद- राम किशोर पाठकसंशय में कृष्ण- महामंगला छंद- राम किशोर पाठक
कृष्ण कन्हैया अगर, आते मिलने आज। होते विस्मित मगर, देख सभी के काज। माखन मिसरी सहज, उनको देता कौन। दुनिया[...]
शरद पूर्णिमा – महामंगला छंद, राम किशोर पाठकशरद पूर्णिमा – महामंगला छंद, राम किशोर पाठक
देखो आया शुभद, आज कई संयोग। रजनी लगती नवल, चकवा का हठयोग।। पूनम सुंदर धवल, लेकर आयी रूप। आज पूर्णिमा[...]
