रसीले फल आम फलों का राजा है, रस से भरा रसीला है। लीची खट्टी मीठी है, यह हम सबको भाती है। बारिश की बूंदों के साथ, जामुन…
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Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.
एक पौधा लगाऊंगा – राम बाबू राम
एक पौधा लगाऊंगा एक पौधा लगाऊंगा, उसमें रोज पानी डालूंगा। जंगल-झाड़ काटकर, साफ-सुथरा रखूंगा, जब पौधा बड़ा हो जाए, उसके छांव में बैठूंगा। फिर झूला झूलूंगा, फल तोड़ घर…
शराब कभी न पिएंगे – बिंदु अग्रवाल
शराब कभी न पिएंगे आज अचानक मन में एक खयाल आया.. गम को कम कैसे करें यह सवाल आया.. सोचा चलो हम भी पीकर झूमते है, यूँ शराब…
हिंदी: सुर वाणी की जाया- राम किशोर पाठक
हिंदी, सुर वाणी की जाया- किशोर छंद सुर वाणी की जाया कहिए, हिंदी को। भूल रहे सब क्यों है गहिए, हिंदी को।। हृदय भाव में फिर से भरिए, हिंदी को।…
शिक्षक तेरी सत्य कहानी – डॉ कार्तिक कुमार
शिक्षक तेरी सत्य कहानी शिक्षक तेरी सत्य कहानी, हाथ में लेखनी आंख में पानी। जीवन बिता विज्ञानी वाणी, सुनो अपनी सरल कहानी। पुरानी पेंशन हाथ ना आनी, बुढ़ापे मैं…
हम शिक्षक – डॉ स्नेहलता द्विवेदी
हम शिक्षक धीरे धीरे मैं गढ़ती हूँ, घर घरौंदा आदिम सब, जाने जैसे कैसे लिखती वर्ण व आख़र आखिर सब। कोमल निर्मल मन पर लिखती खेल खिलौने बाकिर सब,…
हम शिक्षक शिक्षा की तस्वीर बदल देंगे
हम शिक्षक हैं, शिक्षा की तस्वीर बदल देंगे भारत के हर बच्चों की तकदीर बदल देंगे। हम एक नई कहानी लिखेंगे, नया इतिहास बनाएंँगे शिक्षित हो हमारा समाज, ऐसा विहान…
एक पेड़ माँ के नाम- नीतू रानी
विषय -एक पेड़ माँ के नाम। एक पेड़ माँ के नाम, है माँ तुझे सलाम। बच्चे लगाएँ पेड़ पेड़ में फलेंगे आम। एक पेड़ माँ ——-2। एक पेड़ पापा के…
मेरा गाँव- राम किशोर पाठक
मेरा गाँव- गोपी छंद शहर में जो रहने वाले। आज बनते हैं मतवाले।। गाँव का मैं रहने वाला। समझते हैं भोला भाला।। बात बताऊँ गाँव की मैं। अपनों की उस…
चिर निद्रा – विजय शंकर ठाकुर
-: चिर निद्रा :- चिड़िया फुदक रही थी, डाली पर, सुना रही थी, मीठे गीत, अचानक ! आई नीचे, धम, आह ! कितनी निर्दयता, शायद ! अब कभी नहीं गायेगी,…