Category: padyapankaj

Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.

Dharmendra Kumar Thakur

छंद-शास्त्र का सार:- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर छंद-शास्त्र का सार:- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर 

0 Comments 8:56 pm

छंद-शास्त्र का सार:- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर  यहाँ मेरे द्वारा दी गई छंद शास्त्र की जानकारी को सरल, लयबद्ध और गेय[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

मौन और अनुभव :- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुरमौन और अनुभव :- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर

0 Comments 8:48 pm

मौन और अनुभव :- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर चलो अब जाने भी दो क्या करोगे कथा सुनकर, ये चोट जो गहरी[...]

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Umesh kumar sinha

आगमन से विदाई तक — उमेश कुमार सिन्हा ‘निर्देशक ‘आगमन से विदाई तक — उमेश कुमार सिन्हा ‘निर्देशक ‘

0 Comments 10:40 pm

शीर्षक :- आगमन से विदाई तक माँ दुर्गा के संग लक्ष्मी, सरस्वती भी आती हैं, नवरात्र के पावन अवसर पर,[...]

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Punam Kumari

मेरे बच्चे भविष्य की शान बनेंगे -पुनम कुमारीमेरे बच्चे भविष्य की शान बनेंगे -पुनम कुमारी

0 Comments 10:32 pm

मेरे बच्चे भविष्य की शान बनेंगे  मेरे नन्हे-नन्हे फूल एक दिन, देश का नाम करेंगे, ज्ञान, कर्म और संस्कारों से,[...]

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धरती मइया के रखवार, सुनील कुमार प्रजापतिधरती मइया के रखवार, सुनील कुमार प्रजापति

0 Comments 8:21 pm

धरती मइया के रखवार   हम हिअइ प्रकृति के प्रहरी, धरती मइया के रखवार, पेड़-पात, नदिया अउर पहाड़, ई सब[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

लक्षण और इतिहास,धर्मेंद्र कुमार ठाकुर।लक्षण और इतिहास,धर्मेंद्र कुमार ठाकुर।

0 Comments 8:08 pm

।। छंद ।। (लक्षण और इतिहास) पिंगल ऋषि ने रच दिया, पावन छंद-विधान। काव्य-नदी की धार में, भरे अनोखी जान॥[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

।। छात्र धर्म ॥धर्मेंद्र कुमार ठाकुर।।। छात्र धर्म ॥धर्मेंद्र कुमार ठाकुर।

0 Comments 8:00 pm

।। छात्र धर्म ॥ प्रात: नित्य क्रिया से, निवृत्त पूर्ण तुम हो लो, शीश झुका ईश्वर का, पावन मानस खोलो।[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

हम है कर्जदार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरहम है कर्जदार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 10:58 pm

हम है कर्जदार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर हम है कर्जदार हाँ, हम कर्जदार हैं… गुनाहगार नहीं, बस जिम्मेदारियों के बीमार[...]

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Dhiraj Kumar

नए–नए वृक्ष लगाना है – धीरज कुमारनए–नए वृक्ष लगाना है – धीरज कुमार

0 Comments 10:35 pm

नए –नए वृक्ष लगाना है – धीरज कुमार मानव जीवन हमने पाया, बुद्धि का मिला खज़ाना है, तो वसुधा को[...]

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कुष्माण्डेति चतुर्थकम् “_अरविंद मिश्र “नीरज “कुष्माण्डेति चतुर्थकम् “_अरविंद मिश्र “नीरज “

0 Comments 10:25 pm

“कुष्माण्डेति चतुर्थकम् ” रविसम दीप्त देह केर आभा, दुर्गा अष्ट भुजा बाली। इषित हाससँ सृजित केलहुँ ब्रह्मांड सकल पुनि प्रतिपाली।[...]

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