Category: padyapankaj

Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.

Vijay Shankar Thakur

चैन कहां से पाओगे – विजय शंकर ठाकुरचैन कहां से पाओगे – विजय शंकर ठाकुर

0 Comments 10:18 pm

चैन कहां से पाओगे – विजय शंकर ठाकुर प्रकृति से टकराओगे, तो चैन कहां से पाओगे ग़र पेड़ काटते जाओगे,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Kartik Kumar

 आध्यात्मिक दुखों का कोई सहारा नहीं  – कार्तिक कुमार आध्यात्मिक दुखों का कोई सहारा नहीं  – कार्तिक कुमार

0 Comments 7:39 pm

 आध्यात्मिक दुखों का कोई सहारा नहीं  – कार्तिक कुमार मन के भीतर उठता दुख, बाहर इसका उपचार नहीं। आध्यात्मिक पीड़ा[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Kartik Kumar

 मेरा प्यारा खिलौना – कार्तिक कुमार मेरा प्यारा खिलौना – कार्तिक कुमार

0 Comments 7:33 pm

 मेरा प्यारा खिलौना – कार्तिक कुमार मेरा प्यारा खिलौना है, सबसे सुंदर, न्यारा है। लाल रंग की छोटी गाड़ी, चलती[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Kartik Kumar

 मेरी गुड़िया की शादी है – कार्तिक कुमार मेरी गुड़िया की शादी है – कार्तिक कुमार

0 Comments 7:29 pm

 मेरी गुड़िया की शादी है – कार्तिक कुमार मेरी गुड़िया की शादी है, घर में आज खुशी ज्यादा है। गुड़िया[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

गुरु पद वंदन- सारवती छंद वर्णिक – राम किशोर पाठकगुरु पद वंदन- सारवती छंद वर्णिक – राम किशोर पाठक

0 Comments 10:56 pm

गुरु पद वंदन- सारवती छंद वर्णिक – राम किशोर पाठक २११-२११-२११-२ वेद पुराण सभी कहते। ज्ञान प्रकाश वही गहते।। जो[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

गुरु- दोहा मुक्तक – राम किशोर पाठकगुरु- दोहा मुक्तक – राम किशोर पाठक

0 Comments 10:52 pm

गुरु- दोहा मुक्तक – राम किशोर पाठक ज्ञान चक्षु जो खोलते, हरे तमस मन ताप। कर प्रशस्त पथ शिष्य का,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

गुरु वंदना.. डॉ स्वराक्षी स्वरागुरु वंदना.. डॉ स्वराक्षी स्वरा

0 Comments 8:49 pm

आओ कर लें गुरुओं का गुणगानगुरुओं से है अपनी ये पहचान नादान थे,अंजान थे,दे शिक्षा किया जीवन को आसानगुरुओं से[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishor Pathak

अब उषा की, बात करनी है-राम किशोर पाठकअब उषा की, बात करनी है-राम किशोर पाठक

0 Comments 7:56 pm

अब उषा की, बात करनी है- रतिरूप मात्रिक छंद गीत २५ मात्रा – राम किशोर पाठक अनुराग मन में, प्रीति[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें