Category: padyapankaj

Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.

मरती संवेदनाएं _ रानी कुमारीमरती संवेदनाएं _ रानी कुमारी

0 Comments 10:18 pm

शीर्षक – मरती संवेदनाएं आज इस समाज के भागमभाग में कैसी अजब दीवार बैठी है? संवेदनाएं मर गई कुरीति और[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

चाँद की यात्रा _ धर्मेंद्र कुमार ठाकुरचाँद की यात्रा _ धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 10:11 pm

चाँद की यात्रा अंधकार की चादर ओढ़े, सोया था वह शून्य में, कोई निशा न साथ थी, खोया था वह[...]

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तुम पर्वतों के समान बनो- गौरव कुमार तिवारीतुम पर्वतों के समान बनो- गौरव कुमार तिवारी

0 Comments 6:05 pm

तुम पर्वतों के समान बनो, आँधियाँ भी मुड़कर लौट जायें   तुम पर्वतों के समान अचल बनो, आँधियाँ भी स्पर्श[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

स्वस्थ होने का पैमाना क्या है? _ धर्मेंद्र कुमार ठाकुरस्वस्थ होने का पैमाना क्या है? _ धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 3:26 pm

स्वस्थ होने का पैमाना क्या है? यहाँ हर व्यक्ति बीमार है, दिखती हर सूरत बेज़ार है। भीड़ तो है इंसानों[...]

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Ashish Amber

प्यारे बच्चें – आशीष अम्बरप्यारे बच्चें – आशीष अम्बर

0 Comments 11:00 pm

प्यारे बच्चें – आशीष अम्बर कितना प्यारा है यह संसार। बागों में आ गई देखो बहार। चलो झूम कर नाचे[...]

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Archna Kumari

देवी आह्वान – अर्चना कुमारीदेवी आह्वान – अर्चना कुमारी

0 Comments 10:56 pm

देवी आह्वान – अर्चना कुमारी करते तो हैं हम देवी आह्वान पर करते क्या ? नारी-सम्मान कोख से जिनकी जन्म[...]

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Umesh kumar sinha

हम भारतवासी हैं स्वच्छता अपनाए – उमेश कुमार सिन्हा हम भारतवासी हैं स्वच्छता अपनाए – उमेश कुमार सिन्हा 

0 Comments 10:52 pm

हम भारतवासी हैं स्वच्छता अपनाए – उमेश कुमार सिन्हा  हम भारतवासी हैं, स्वच्छता अपनाए आओ, भारत को स्वस्थ बनाएँ। अपने विद्यालय[...]

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Arvind Mishra Niraj

द्वितीयं ब्रह्मचारिणी  – अरविंद मिश्र “नीरज “द्वितीयं ब्रह्मचारिणी  – अरविंद मिश्र “नीरज “

0 Comments 10:48 pm

द्वितीयं ब्रह्मचारिणी  – अरविंद मिश्र “नीरज “ ज्योतिर्मय अति भव्य भवानी, माँ दुर्गाकेर दोसर रूप। परम तपस्या के प्रतिफल माँ,[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

धरा का गौरव – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरधरा का गौरव – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 10:42 pm

धरा का गौरव – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर इस धरा पर जनम लिया, ये सौभाग्य हमारा है, जिसकी गोदी में पला-बढ़ा,[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

अंतर्ब्रह्माण्ड का दिव्य दीप – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरअंतर्ब्रह्माण्ड का दिव्य दीप – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 8:47 pm

अंतर्ब्रह्माण्ड का दिव्य दीप – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर नभ मंडल का दृश्य-जगत तो स्थूल दृष्टि का रेला है, किंतु पिंड[...]

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