प्राची की सुंदर छवि लाली सबको नित संदेश सुनाती। जगो-उठो दो-पा खुशहाली पुरखों से पाई यह थाती।। रश्मि सूर्य की प्रतिदिन कहती शीघ्र जगें यदि कुछ है पाना। धरती चुप…
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Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.
झांसी की महारानी – मनु रमण चेतना
आओ सुनाएं एक कहानी झांसी की महारानी की निज शौर्य पराक्रम से लिख दी जो नाम अमर बलिदानी की अंग्रेज़ों का कर संघार मस्तक पर तिलक लगाई थी कालरात्रि थी…
सृष्टि देते उपहार – एस.के.पूनम
दरिया में जल मिले, सागर में नदियाँ भी, धरती आकाश मिल सृष्टि देते उपहार। कहीं-कहीं छाँह धूप, चुभते दिलों में शूल, मिटती न तृष्णा कभी मिथक न हो प्रहार। माटी…
वरदान है यह योग का – रत्ना प्रिया
स्वस्थ शरीर , स्वच्छ मन व आत्मिक संयोग का, मानवी काया दिव्य हो , वरदान है यह योग का । पंचभूत निर्मित काया में, प्रत्येक तत्व सम रहे, योग ,…
पर्यावरण – मीरा सिंह “मीरा”
बंद करो वृक्षों को काटना नदियां सागर दूषित करना। वृक्ष धरा के हैं आभूषण वृक्ष लगाओ मानो कहना।। कोरे नारे नहीं लगाओ वक्त कहे कुछ काम दिखाओ। स्वच्छ रखो हवा…
इम्तिहान – विनय विश्वा
इम्तिहान ललिता अपनी परीक्षा की तैयारी कर रही थी,और साथ ही उसकी सच्ची दोस्त साहिदा उससे कुछ प्रश्न पूछ रही थी, दोनों एक ही विद्यालय में पढ़ाती थी। अब सरकार…
सिहर उठता हूँ देखकर –
अब ये दुनियाँ -दुनियाँ न रहा, सिहर उठता हूँ इस दुनियाँ को देखकर। इस दुनियाँ में हो रहे चोरी डकैती लूट- पाट, और फैल रहेझूठ,चोरी,नशा,हिंसा और व्यभिचार, सभी इसी का…
दहेज रूपी दानव – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
देश से विदेश तक, धरती अम्बर तक, सभी जगह बेटियां , छोड़ रही आज छाप। बेटियों को बेटा मान,लालन पालन करें, अपने संतान पर,गर्व भी करेंगे आप। दुनिया के लिए…
दहेज – एस.के.पूनम
नन्ही परी आज आई, घर में खुशियां लाई, आँगन में किलकारी,गूंज रही सरेआम। नूतन विचारों संग, छू ली आसमानी रंग, श्रम साध्य पूरी कर,जीती जीवन संग्राम। पाई-पाई जोड़ कर, माता…
दोहा – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
रिश्ता हो कायम सदा, भरते रहें मिठास। अपनेपन का भाव रख, करिए सुखद उजास।। ईश-याचना नित करें, रखें न कपट विचार। निर्मल मन की भावना, देती खुशी अपार।। संधिकाल के…