आदमी से कहीं ज्यादा पशु होता वफादार, मानव को त्याग हम, पालते हैं स्वान को। माता-पिता से भी ज्यादा करते[...]
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Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.
सुबह की सैर – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’सुबह की सैर – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
शीतल पवन चली, दूब बिछी मखमली, सुंदर नजारा देख,कदम ठहरता। फैली हुई हरियाली, झुकी हुई धान बाली, फसलों को देखकर[...]
जीवन दीप जलाना सीखें – स्नेहलता द्विवेदीजीवन दीप जलाना सीखें – स्नेहलता द्विवेदी
हम सब प्रेम पुजारी मिलकर, जीवन दीप जलाना सीखें। जग में फैले अंधकार को, कर्म रश्मि नहलाना सीखें। अपना घर[...]
जगत निर्माता – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’जगत निर्माता – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
अगर कपूर धूप कंचन के थाल धर, आरती उतारें रोज गणेश की माता की। फल-फूल-अक्षत ले चरणों में सिर रख,[...]
माता की महिमा – संजय कुमारमाता की महिमा – संजय कुमार
माता की महिमा माता की महिमा अपरंपार करती हैं अपनी भक्तों का उद्धार। जो भी इनकी शरण मे आया दुःख[...]
प्रभु सुन लें पुकार- एस.के.पूनमप्रभु सुन लें पुकार- एस.के.पूनम
🙏कृष्णाय नमः🙏 विधा:-रूपघनाक्षरी (प्रभु सुन लें पुकार) रात है अमावस्या की, प्रकाश है खद्योतों से, हृदय में ध्यान कर,सूर्य प्रभा[...]
जननी जगदम्बा – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’जननी जगदम्बा – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
मनहरण घनाक्षरी छंद कहते हैं साधु संत जिनका न आदि अंत, असीम आनंद पाते, करते जो ध्यान हैं। श्रद्धा भक्ति[...]
मां का दरबार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’मां का दरबार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
विद्या:- मनहरण घनाक्षरी छंद अक्षत चंदन संग पूजन की थाल लिए, आते रोज नर-नारी, मां के दरबार में। अखियाँ तरस[...]
बाल पहेलियां – मीरा सिंह “मीरा”बाल पहेलियां – मीरा सिंह “मीरा”
१ देव गजानन के वाहन प्रिय रहते दिन भर उधम मचाते। जो भी मिलता चट कर जाते कुतर कुतर कर[...]
The scene so harsh – Ashish kumar PathakThe scene so harsh – Ashish kumar Pathak
The scene so harsh The scene so harsh Bodies lay scattered Nauseating smell Smokes everywhere House and hearts sinking everywhere[...]
