Category: padyapankaj

Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.

Jainendra

दहेज रूपी दानव – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’दहेज रूपी दानव – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 10:35 pm

देश से विदेश तक, धरती अम्बर तक, सभी जगह बेटियां , छोड़ रही आज छाप। बेटियों को बेटा मान,लालन पालन[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Devkant

दोहा – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहा – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 10:24 pm

रिश्ता हो कायम सदा, भरते रहें मिठास। अपनेपन का भाव रख, करिए सुखद उजास।। ईश-याचना नित करें, रखें न कपट[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Devkant

दोहा – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहा – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 10:22 pm

भूप जनक के बाग में, आए राजकुमार। दिव्य मनोहर वृक्ष से, मुग्ध नयन अभिसार।। नव किसलय नव पुष्प से, हर्षित[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
S K punam

रुपघनाक्षरी – एस.के.पूनमरुपघनाक्षरी – एस.के.पूनम

0 Comments 10:20 pm

सरयू के तट पर, सीताराम बैठ कर, मांझी की प्रतीक्षा कर,भक्तों का बढ़ाये मान। थाल में निर्मल जल, दृगों से[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
S K punam

मनहरण घनाक्षरी – एस.के.पूनममनहरण घनाक्षरी – एस.के.पूनम

1 Comment 11:16 pm

रुपहली आभा संग, लिए हुए लाल रंग, उदित है प्रभाकर,प्रवेश उजास का । हर्षित हो वसुंधरा, इठलाते झूमे भौंरा, हरियाली[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Jainendra

मुंह का निवाला – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’मुंह का निवाला – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:11 pm

मुंह का निवाला गरीबों को दुनिया में, सिर पर छत नहीं, हमेशा अभाव में ही कटता जीवन है। थक जाती[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
S K punam

विशुद्ध हो सटता – एस.के.पूनमविशुद्ध हो सटता – एस.के.पूनम

0 Comments 9:10 pm

🙏कृष्णाय नमः🙏 विधा:-मनहरण (विशुद्ध हो सटता) घर-बार छोड़ कर, करते हैं योग ध्यान, बिछा हुआ भ्रम जाल,काटे नहीं कटता। आदान-प्रदान[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
S K punam

करती हूँ बंदगी – एस.के.पूनमकरती हूँ बंदगी – एस.के.पूनम

0 Comments 8:37 pm

🙏कृष्णाय नमः🙏 विधा:-मनहरण (करती हूँ बंदगी) तरसती है निगाहें, भरती हैं नित्य आहें, भूखे पेट तड़पती,मजबूर जिन्दगी। भाग्य से निवाला[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

जब से आई गरमी – मीरा सिंह “मीरा”जब से आई गरमी – मीरा सिंह “मीरा”

0 Comments 4:15 pm

सूरज बाबा ने हद कर दी सुबह सवेरे आते जल्दी। सूनी सूनी सड़कें गलियाँ दुबके बैठे बच्चे घर जी। आंख[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें