Category: padyapankaj

Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.

Nitu Rani

मेहनत भेल हमर बेकार- नीतू रानीमेहनत भेल हमर बेकार- नीतू रानी

0 Comments 7:25 am

मेहनत भेल हमर बेकार, ठंडी,गर्मी में खटबेलक बिहार सरकार मेहनत भेल——–2। ठंडी में केलौं हम जाति गणना भेलौं हम बीमार,[...]

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Jainendra

बारिश- जैनेन्द्र प्रसाद रविबारिश- जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 9:07 am

छाई घटा घनघोर, जंगल में नाचे मोर, श्याम धन संग-संग, झूमे आसमान ये। बागों में बहार आई, तितली भी इठलाई,[...]

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Jaykrishna

मैं तैयार हूं -जयकृष्णा पासवानमैं तैयार हूं -जयकृष्णा पासवान

0 Comments 7:33 pm

कितने ज़ख्म सहे हैं हमने, छांव छोड़कर धूप खाये है हमने। “अपमान की आग से ” झुलसा है बदन मेरा।।[...]

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Jainendra

सुहाना मौसम- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’सुहाना मौसम- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 7:30 pm

मनहरण घनाक्षरी छंद ठंडी-ठंडी हवा चली, मुरझाई कली खिली, देखो नीला आसमान, काला घन चमके। कोयल की सुन शोर, छाई[...]

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Suresh kumar

श्रमिक की व्यथा-कथा- सुरेश कुमार गौरवश्रमिक की व्यथा-कथा- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 1:44 pm

मैं भी शान से जीना चाहता हूं मेहनत की रोटी कमाता हूं, दृढ़ शौक है मेरे भी कुछ, बच्चों को[...]

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Jainendra

मौसम का रंग- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’मौसम का रंग- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 10:48 am

(रूप घनाक्षरी छंद) ठंडी-ठंडी हवा चली, सूखी मिट्टी हुई गीली, धूल भरी आंधी लाया, बादल ने बूंदों संग। हाँफ रहे[...]

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Ashmaja Priyadarshini

बाल मजदूर- अश्मजा प्रियदर्शिनीबाल मजदूर- अश्मजा प्रियदर्शिनी

0 Comments 10:47 am

अपने बचपन को खोता कितना वह लाचार। मलिन सी काया,दुर्बल छवि,जीर्ण- शीर्ण आकार। अत्यंत आवश्यक प्यासे को पानी भूखे को[...]

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