तर्क कसौटी की थी दात्री। सावित्री शिक्षा की जात्री।। ज्योति जलाने जग में आई। नारी शिक्षा को फैलाई।। बनकर वह एक अधिष्ठात्री। सावित्री शिक्षा की जात्री।।०१।। पति से मिलकर कदम…
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दिल्ली में -नीतू रानी
मैं आई हूँ दिल्ली नगर , यहाँ चल रहा शीतलहर। हवा बहुत है चल रही, ठंड बहुत है बढ़ रही। नल से गिरता ठंडा पानी, छूते याद आती है नानी।…
धन्यवाद टीचर्स ऑफ बिहार – एम० एस० हुसैन “कैमूरी”
है कोटि-कोटि धन्यवाद ऐ टीचर्स ऑफ बिहार तेरे बदौलत हीं सबका होता है सपना साकार रचनाएं दब सी जाती थी होता न था प्रचार प्रसार लिखना शुरू मैंने किया तुने…
लेखनी-एस.के.पूनम
सोच रही है लेखनी, कहाँ से प्रारंभ करुँ, फँस गया विचारों में,हो न जाए परिहास। तूलिका भी डर रही, कागज है निष्कलंक, शब्दों की बुनाई ऐसी,पाठक को आई रास। डंठल…
मन:स्थिति
मन:स्थिति मन चंचल है द्रुतगामी है, अकल्पनीय है इसकी स्थिति, कभी व्यथित कभी विचलित, अबूझ है इसकी स्थिति, कभी आत्मकेंद्रित, कभी पराश्रित, अबोधगम्य है इसकी स्थिति, कभी किंकर्तव्यविमूढ, कभी स्वावलंबी,…
नारी- दीपा वर्मा
नारी बेचारी,पापा की प्यारी, भैया की दुलारी। मायके की लाज बचाती, ससुराल की आन निभाती। काम के बोझ की मारी, थकी-हारी ,नारी बेचारी। सबके लिए बनी नारी, उसकी नहीं होती,…
हे सरकारी विद्यालय – अंजली कुमारी
हे सरकारी विद्यालय के नौनिहाल सुनो,। मिशन दक्ष में शामिल हे बिहार के लाल सुनो। शिक्षा के टूटी कड़ियों को तुम्हें पुनः मिलाना है,। आगे बढ़ चुके सहपाठियों के समकक्ष…
हमारे मुंशी प्रेमचंद – मनु रमण चेतना
हमारे मुंशी प्रेमचंद (जयंती विशेष) साहित्यिक आकाश में,उगा एक दिव्य चंद्र , और कोई नहीं वो , हमारे मुंशी प्रेमचंद! आनंदी का लाल वो,अजायब का भाल वो, रचना जिनकी स्वच्छंद,…
सरदार किसान- विनय विश्वा
किसान हमारे भगवान जो रिरियाये गाए एक कंठ आवाज लगाए बहरी सत्ता ना सुन पाए। खाए उनकी दाल-रोटी उनके सपनों को करके बोटी-बोटी। एक “सरदार” की आन पड़ी है उस…
रामधारी सिंह दिनकर – नीतू रानी
जिनके सिंहनाद से सहमी धरती है रही अभी तक डोल, ✒️ कलम आज उनकी जय बोल ✒️ कलम आज उनकी जय बोल। आज का दिन है बड़ा महान, आज हीं…