मां तेरा विस्तार करुँ कैसे ओ माँ, तू शब्दों का मोहताज नहीं, तेरा वर्णन दिव्य अलौकिक है, यह मेरे वश[...]
Category: Prem
Love has no definition, and it is a feeling that comes within the heart. The meaning of love can be different for different people, different age groups, and different relationships, but the surface is the same for everyone. Love comes from knowledge, and for this, one needs to understand oneself.
भारत दर्शन-एस. के. पूनमभारत दर्शन-एस. के. पूनम
भारत दर्शन भारत देव भूमि है, अतुल्य धरा है, समृद्ध और गौरवशाली इतिहास है, प्राचीन सभ्यताओं में बेसुमार है, यहां[...]
तितली रानी-दिलीप कुमार गुप्ततितली रानी-दिलीप कुमार गुप्त
तितली रानी प्यारी सी नन्ही सी सतरंगी पंखों से सजीली फूलों पर मंडराने वाली प्यारी सी तू तितली रानी। भोली[...]
तिरंगा-भोला प्रसाद शर्मातिरंगा-भोला प्रसाद शर्मा
तिरंगा आन में उसकी शान में उसकी, हाँ! प्राण मुझे लुटाना है। कसम है भारत माता की सदा यूँ तिरंगा[...]
नमन करें-स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’नमन करें-स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’
नमन करें विश्व के इस भाल को, उदग्र इस त्रिकाल को, विश्व गुरु के मान को, नमन करें नमन करें।[...]
माॅं सृष्टिकर्तृ-सुरेश कुमार गौरवमाॅं सृष्टिकर्तृ-सुरेश कुमार गौरव
माॅं सृष्टिकर्तृ मां! यानी सृष्टिकर्त्तृ स्त्री का महान दातृ रुप इस नाम की सार्थकता सबला शक्तिरुपा में सदा परिलक्षित दिखती[...]
आर्तवाणी से पुकारा-जैनेन्द्र प्रसाद रविआर्तवाणी से पुकारा-जैनेन्द्र प्रसाद रवि
आर्तवाणी से पुकारा मेरे मोहन इन चरणों की अब तो दे दो सहारा। बिना मांझी यह जीवन नैया कैसे लगे[...]
बचपन-ब्रह्माकुमारी मधुमिता ‘सृष्टि’बचपन-ब्रह्माकुमारी मधुमिता ‘सृष्टि’
बचपन अल्हड़ है, मदमस्त है आसमा, छूने की चाहत है। नदियों सी चंचल है पवन सी पागल है जानने को[...]
नजर आए-सुधीर कुमारनजर आए-सुधीर कुमार
नजर आए माता पिता के रूप में मुझको चारो धाम नजर आए। जब मैं देखूं इन्हें सदा मुझको भगवान नजर[...]
मुझको पता नहीं-भोला प्रसाद शर्मामुझको पता नहीं-भोला प्रसाद शर्मा
मुझको पता नहीं माँ! तो माँ होती है उसमें भरी ममता की छाँव होती है मोह में पड़ी रहती है[...]
