माॅं सृष्टिकर्तृ मां! यानी सृष्टिकर्त्तृ स्त्री का महान दातृ रुप इस नाम की सार्थकता सबला शक्तिरुपा में सदा परिलक्षित दिखती है। वात्सल्य भाव प्रेषित कर जीवन रुपी पात्रों में ममता,…
Category: Prem
Love has no definition, and it is a feeling that comes within the heart. The meaning of love can be different for different people, different age groups, and different relationships, but the surface is the same for everyone. Love comes from knowledge, and for this, one needs to understand oneself.
आर्तवाणी से पुकारा-जैनेन्द्र प्रसाद रवि
आर्तवाणी से पुकारा मेरे मोहन इन चरणों की अब तो दे दो सहारा। बिना मांझी यह जीवन नैया कैसे लगे किनारा।। जड़ चेतन सब तेरी माया, कण-कण में तू है…
बचपन-ब्रह्माकुमारी मधुमिता ‘सृष्टि’
बचपन अल्हड़ है, मदमस्त है आसमा, छूने की चाहत है। नदियों सी चंचल है पवन सी पागल है जानने को सबकुछ उत्कल है। आंखों में खुशी, होठों पे हंसी पल…
नजर आए-सुधीर कुमार
नजर आए माता पिता के रूप में मुझको चारो धाम नजर आए। जब मैं देखूं इन्हें सदा मुझको भगवान नजर आए। आते हैं जब भी ये सामने और न कुछ…
मुझको पता नहीं-भोला प्रसाद शर्मा
मुझको पता नहीं माँ! तो माँ होती है उसमें भरी ममता की छाँव होती है मोह में पड़ी रहती है आजीवन हो शहर या गाँव में अपनापन कब चुरा लेती…
पिता-भोला प्रसाद शर्मा
पिता पिता जैसा कोई वरदान नहीं पिता जैसा कोई महान नहीं पिता हम आपकी निन्दिया है चमकाती माँ की बिन्दिया है पिता हँसता हुआ फूल है रक्षा कवच बना त्रिशूल…
मेरे पिता मेरे भगवान-रीना कुमारी
मेरे पिता मेरे भगवान मेरे पिता जिन्होने मुझे सुंदर सा संसार दिया आनंद खुशी और रंग-बिरंगे जैसे उपहार दिया आंखों के तारे कह मेरे जीवन को सवांर दिया सोना-चांदी…
गुरु का वंदन-विवेक कुमार
गुरु का वंदन मिट्टी को प्रभु ने आकार दिया दिया जीवन का वरदान मां ने नौ महीने गर्भ में ढोकर दिया जीवन जीने का सम्मान परिवार ने पाल पोसकर बड़ा…
मेरे पापा-मुकेश कुमार
मेरे पापा मेरे पापा हैं बहुत प्यारे से, मुझे लगते हमेशा न्यारे से। बचपन से ही इनका प्यार मिला, मुझे नहीं है इनसे कोई गिला। बचपन में इनसे बहुत डरा…
उन्हें समर्पित हर दिन-अपराजिता कुमारी
उन्हें समर्पित हर एक दिन पापा जी को समर्पित एक ही दिन क्यों हर दिन है पापा जी का दिन आंखें खुलती हर सुबह जब उठते ही आवाज आती पापा…