गली मोहल्ले में आज इतना शोर-गूल क्यों है। जो लोगों को कभी समझा ही नहीं।। उनमें आज विकास की होड़[...]
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अदृश्य शक्ति -जयकृष्ण पासवानअदृश्य शक्ति -जयकृष्ण पासवान
कण-कण में तू व्याप्त है, निराकार बनके मौन । हर लम्हा होता महसूस तेरा, तेरे बिना उबारे कौन।। विश्वास फूल[...]
पापा की परी- मीरा सिंह “मीरा”पापा की परी- मीरा सिंह “मीरा”
तुफानों से लड़ी हूं मैं मुश्किल से कब डरी हूं मैं। लहरों की मैं करूं सवारी हिम्मत बल से भरी[...]
मैं पथ का निर्भिक राही- कंचन प्रभामैं पथ का निर्भिक राही- कंचन प्रभा
पथ के राही चले बेफिक्र मंजिले दूर हो रास्ते कठिन हो पथरीली डगर हो काँटे बिछे हो चलना है बस[...]
खुद को दीप्तिमान कर – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”खुद को दीप्तिमान कर – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”
शांति से सहन कर,अहं का दमन कर, बेकार तकरार में,वक्त न गवाइए। आलस्य को तज कर,खड़ा रह डट कर, विपरीत[...]
वीर बन, युद्ध कर-मधु कुमारीवीर बन, युद्ध कर-मधु कुमारी
वीर बन, युद्ध कर ——————— स्थिति परिस्थिति कितने भी हो प्रतिकूल तुम अपनी आत्म शक्ति पहचान, मत भूल चाहे राह[...]
नन्ही चिड़िया-अमृता सिंहनन्ही चिड़िया-अमृता सिंह
नन्ही चिड़िया उठ चिड़िया अब आंखे खोल तुझे अम्बर छूने जाना है, अपने नन्हे-नन्हे कदमों पर अपना भार उठाना है।[...]
धुंध के बीच-गिरिधर कुमारधुंध के बीच-गिरिधर कुमार
धुंध के बीच स्याह सा कुछ तैरता हवाओं में कवि की मुस्कराहट से बौखला जाता है अरे मैं कोरोना हूं[...]
