ऋतुराज बसंत आया आया बसंत आया खुशियों का सौगात लाया। इसकी करो तुम जी भर प्रंशसा ऋतुराज बसंत है ही[...]
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
हमेशा अच्छा सोचें-अनुज कुमार वर्माहमेशा अच्छा सोचें-अनुज कुमार वर्मा
हमेशा अच्छा सोचें सुन्दर अपनी सृष्टि है, सुन्दर सबकी दृष्टि है। सोच सुन्दर जब हो जाए, सुन्दर सबकुछ नजर आए।[...]
पंछी-अशोक कुमारपंछी-अशोक कुमार
पंछी हम पंछी स्वतंत्र रूप में, बंद पिंजरे में न रह पाएंगे। कभी चहकना कभी फुदकना, गुलामी की दास्तां स्वीकार[...]
हँसिए और हँसाइए-अपराजिता कुमारीहँसिए और हँसाइए-अपराजिता कुमारी
हँसिए और हँसाइए हर चेहरे की नूर है हँसी कभी चुपके से मुस्कुराती कभी खिलखिला कर हँसती, हँसी जीने की[...]
खुद पर भरोसा-आँचल शरणखुद पर भरोसा-आँचल शरण
खुद पर भरोसा रख खुद पर तू भरोसा जीवन खुद चमक जायेगा। है आसमां में भी न इतनी ताकत जो[...]
पानी की बर्बादी रोको-विजय सिंह नीलकण्ठपानी की बर्बादी रोको-विजय सिंह नीलकण्ठ
पानी की बर्बादी रोको पानी की बर्बादी रोको बर्बाद करे जो उसको टोको जल स्रोतों को ध्यान से देखो कूड़े[...]
बैठा पंछी एक डाल पर-स्वाति सौरभबैठा पंछी एक डाल पर-स्वाति सौरभ
बैठा पंछी एक डाल कर मिला मुझे रास्ते में, बैठा पंछी एक डाल पर। बना रहा था घोसला, तिनका तिनका[...]
भिक्षुक-रीना कुमारीभिक्षुक-रीना कुमारी
भिक्षुक देखो बच्चो भिक्षुक आया, दरवाजा उसने खटखटाया, मैले-कूचे कपडों में आया, मनही मन जैसे भरमाया, सब दिखाये उसपर माया,[...]
जीवन की उलझनें-प्रीति कुमारीजीवन की उलझनें-प्रीति कुमारी
जीवन की उलझनें बैठी थी आज थोड़ी देर को अपने घर के बालकनी में, समय अपने मंथर गति से आगे[...]
हमारा प्यारा संविधान-नरेश कुमार निरालाहमारा प्यारा संविधान-नरेश कुमार निराला
हमारा प्यारा संविधान हम भारत के नागरिक हैं तिरंगा हमारी शान है, लोकतंत्र की रक्षा हेतु बना विशाल संविधान है।[...]
