Category: sandeshparak

Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.

Jainendra

सर्दी- जैनेन्द्र प्रसाद रविसर्दी- जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 11:32 am

सर्दी चुपके-चुपके आती सर्दी, सबको बहुत सताती सर्दी। अमीरों को यह ख़ूब है भाती, गरीबों को यह बहुत सताती। आग[...]

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जिंदगी जी ले जरा-अवनीश कुमारजिंदगी जी ले जरा-अवनीश कुमार

0 Comments 11:38 am

जिंदगी जी ले ज़रा ये जिंदगी मिलती नही आसानी से क्यों पल-पल काट रहे परेशानी से क्यों खो रहे आज,[...]

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Archana

नश्वर दुनियाँ-अर्चना गुप्तानश्वर दुनियाँ-अर्चना गुप्ता

0 Comments 5:45 pm

नश्वर दुनियाँ  कितनी नश्वर है प्रभु तेरी दुनियाँ फिर भी पल-पल द्वेष बढ़ आए स्वार्थपाश में बँधे हुए सब ही[...]

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Anchal

माँ मैं तेरी बेटी हूँ-आँचल शरणमाँ मैं तेरी बेटी हूँ-आँचल शरण

0 Comments 3:03 pm

माँ मैं तेरी बेटी हूँ माँ! मैं तेरी बेटी हूँ, तेरे खून का कतरा हूँ मत बनने दे मुझे किस्सा[...]

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Dr. Anupama

माँ मुझको अब पढ़ना है-डाॅ. अनुपमा श्रीवास्तवमाँ मुझको अब पढ़ना है-डाॅ. अनुपमा श्रीवास्तव

0 Comments 11:27 am

माँ मुझको अब पढ़ना है माँ मुझको अब पढ़ना है सबसे आगे बढ़ना है, देखा था जो तुमने सपना उसको[...]

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Aprajita

सर्दी की शरारत-अपराजिता कुमारीसर्दी की शरारत-अपराजिता कुमारी

0 Comments 8:08 am

सर्दी की शरारत 💨कोहरे का लिहाफ ओढे ठिठुराती कपकपाती, कनकनाती सर्दी 🌤️सूरज को आगोश में छुपाती धरती को ठंड की[...]

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मानव तन-विजय सिंह नीलकण्ठमानव तन-विजय सिंह नीलकण्ठ

0 Comments 11:43 am

मानव तन मानव तन होता है नश्वर  जिसे बनाया सबके ईश्वर  काली मंदिर है दक्षिणेश्वर  सबसे ऊपर हैं परमेश्वर।  करें[...]

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Sanyukta

जनसंख्या-संयुक्ता कुमारीजनसंख्या-संयुक्ता कुमारी

0 Comments 4:19 pm

जनसंख्या जागो मानव जागो …. करो परिवार सीमित सभी। नहीं तो सभ्य समाज न बना पाएँगे, खो देंगे हम चैन[...]

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