कौन कहता है बच्चे पढ़ते नहीं बच्चे तो कच्चे माटी के बने होते हैं जैसा चाहो वैसा रूप बना दो,[...]
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
कौन कहता बच्चे पढ़ते नहीं-प्रियंका कुमारीकौन कहता बच्चे पढ़ते नहीं-प्रियंका कुमारी
कौन कहता बच्चे पढ़ते नहीं बच्चों की होती अलग सी दुनिया जिसमे होती उनकी जान, कल्पनाओं का पंख लिए हौसलों[...]
उसके सपने मेरे सपने, उदास बचपन-गिरिधर कुमारउसके सपने मेरे सपने, उदास बचपन-गिरिधर कुमार
उसके सपने मेरे सपने बड़े जतन किये समझने के उसकी तोतली जुबान को शब्द सा कुछ नहीं अर्थ सा कुछ[...]
बच्चों का सर्वांगीण विकास-नूतन कुमारीबच्चों का सर्वांगीण विकास-नूतन कुमारी
बच्चों का सर्वांगीण विकास बच्चों का मन चंचल चितवन है, हम उन पर लिख देंगे इतिहास, सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर, देंगे[...]
विद्या वाहिनी का रूप शिक्षक-शालिनी कुमारीविद्या वाहिनी का रूप शिक्षक-शालिनी कुमारी
विद्या वाहिनी का रूप शिक्षक देश के शिरोरत्न हैं शिक्षक शिक्षक ही है राष्ट्र-निर्माता शिक्षक के ज्ञान की ज्योति से[...]
शिष्य-जैनेन्द्र प्रसाद रविशिष्य-जैनेन्द्र प्रसाद रवि
शिष्य विद्या, बुद्धि, धीरज, संयम जो जीवन में अपनाता है, वही गुरू का सर्वश्रेष्ठ शिष्य सदा कहलाता है। सूर्योदय से[...]
गुरु वन्दना-स्वाति सौरभगुरु वन्दना-स्वाति सौरभ
गुरु वन्दना हम हैं कोरे कागज़-सा, आप कलमकार हो गुरुवर। हम तो लिखते गीत हैं, आप सजाते सुर- ताल हो[...]
शिक्षक-लवली कुमारीशिक्षक-लवली कुमारी
शिक्षक शिक्षक का सम्मान जगत में, सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी ने करवाया है। ब्रह्मा विष्णु महेश से पहले, जगत में शिक्षक[...]
शिक्षक हैं हम-मनोज कुमार दुबेशिक्षक हैं हम-मनोज कुमार दुबे
शिक्षक हैं हम शिक्षक हैं हम समाज को जगाते रहेंगे। ये जिन्दगी का मंत्र है, सिखाते रहेंगे।। शिक्षक हैं हम,[...]
शिक्षक-गिरिधर कुमारशिक्षक-गिरिधर कुमार
शिक्षक वह प्रशान्त दिखता है शाश्वत रूप यही है उसका शुरू से सदियों से वह पहला स्नेहिल स्पंदन था जो[...]
