अब क्या अब क्या गाँव की शान ढूंढते हो ? अपनी सभ्यता का सम्मान ढूंढते हो बाँस के मचान का[...]
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
स्वतंत्र-अश्मजा प्रियदर्शिनीस्वतंत्र-अश्मजा प्रियदर्शिनी
स्वतंत्र ऐ नादान इंसान, तुम मुझे जाने कैसे प्यार करते थे। अपनी इच्छा से जाने क्या क्या खिलाया करते थे[...]
कौन कहते कि बच्चे पढ़ते नहीं-नूतन कुमारीकौन कहते कि बच्चे पढ़ते नहीं-नूतन कुमारी
कौन कहते कि बच्चे पढ़ते नहीं बुद्धिजीवी होना कुछेक की मुद्दत होती है, अनुकरण करना बच्चों की फितरत होती है,[...]
गणित सीखें-शफक फातमागणित सीखें-शफक फातमा
गणित सीखें आओ बच्चों सीखें गणित इसमें है अब सबका हित। इकाई दहाई पर पहले ध्यान फिर हो जोड़ घटाओ[...]
कोरोना से जंग-लवली वर्माकोरोना से जंग-लवली वर्मा
कोरोना से जंग थम सी गयी है जिंदगी, रुक गए हैं जैसे कदम। जिनसे मिल लिया करते थे हमेशा, उनसे[...]
कर्मों का लेख-कुमकुम कुमारीकर्मों का लेख-कुमकुम कुमारी
कर्मो का लेख खता तो हमने बहुत बड़ी की है तभी तो कुदरत ने इतनी बड़ी सजा हमें दी है[...]
सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय-कुमकुम कुमारीसर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय-कुमकुम कुमारी
सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय सदियों पूर्व हमारे शास्त्र ने यही तो हमें बताया है सर्वे भवन्तु सुखिनः का पाठ हमें[...]
संख्या-एकलव्यसंख्या-एकलव्य
संख्या शून्य से नौ तक को अंक सभी कहता है कुल मिलाकर उनको दस अंक बनता है। रूप विभिन्न होते[...]
शून्य-एकलव्यशून्य-एकलव्य
शून्य अंको में बड़ा शान है शून्य मेरा नाम है ना मैं धन ना मैं ऋण मध्य बैठ संख्या रेखा[...]
कर्म ही पूजा है-प्रियंका कुमारीकर्म ही पूजा है-प्रियंका कुमारी
कर्म ही पूजा है कर्म ही पूजा है, जाने हर इंसान, फिर भी अपने कर्मों के परिणाम से, तू क्यों[...]
