Category: sandeshparak

Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.

Asmaja Priydarshni

स्वतंत्र-अश्मजा प्रियदर्शिनीस्वतंत्र-अश्मजा प्रियदर्शिनी

0 Comments 6:05 pm

स्वतंत्र ऐ नादान इंसान, तुम मुझे जाने कैसे प्यार करते थे। अपनी इच्छा से जाने क्या क्या खिलाया करते थे[...]

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कौन कहते कि बच्चे पढ़ते नहीं-नूतन कुमारीकौन कहते कि बच्चे पढ़ते नहीं-नूतन कुमारी

0 Comments 3:47 pm

कौन कहते कि बच्चे पढ़ते नहीं बुद्धिजीवी होना कुछेक की मुद्दत होती है, अनुकरण करना बच्चों की फितरत होती है,[...]

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सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय-कुमकुम कुमारीसर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय-कुमकुम कुमारी

0 Comments 12:07 pm

सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय सदियों पूर्व हमारे शास्त्र ने यही तो हमें बताया है सर्वे भवन्तु सुखिनः का पाठ हमें[...]

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कर्म ही पूजा है-प्रियंका कुमारीकर्म ही पूजा है-प्रियंका कुमारी

0 Comments 12:04 pm

कर्म ही पूजा है  कर्म ही पूजा है, जाने हर इंसान, फिर भी अपने कर्मों के परिणाम से, तू क्यों[...]

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