Category: sandeshparak

Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.

क्यों भूल गया-कुमकुम कुमारीक्यों भूल गया-कुमकुम कुमारी

0 Comments 2:00 pm

क्यों भूल गया क्यों भूल गया ऐ इंसान ये किराए का है मकान साँसे बेच-बेच कर किराया चुकाना है फिर[...]

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बची रहे मानवता-रानी कुमारीबची रहे मानवता-रानी कुमारी

0 Comments 1:36 pm

बची रहे मानवता कोरोना के कहर से हमने अनुभव यह पाया है धन-दौलत, पद, सत्ता का मोह बस भूल-भूलैया है।[...]

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मोक्ष की प्रतिक्षा-अवनीश कुमारमोक्ष की प्रतिक्षा-अवनीश कुमार

0 Comments 10:10 am

मोक्ष की प्रतीक्षा थक जाता जब मानव का तन मन ईश्वर से मोक्ष दिलाने को करता नमन लेकिन आत्मा है[...]

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डरो मत तुम कोरोना भगाओ-मनु कुमारीडरो मत तुम कोरोना भगाओ-मनु कुमारी

0 Comments 3:27 pm

डरो मत तुम कोरोना भगाओ सखी सहेली भाई बहना, कोरोना से तुम यूँ डरो ना , भले ना बनी कोई[...]

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गाँधी को गढ़ना होगा-स्नेहलता द्विवेदी आर्यागाँधी को गढ़ना होगा-स्नेहलता द्विवेदी आर्या

0 Comments 1:46 pm

गाँधी को गढ़ना होगा मानवता के मनोभाव को निर्मल से करने के लिए, मधुर जीवन के सरस भाव को अमृतमय[...]

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Sanyukta

रक्षाबंधन-संयुक्ता कुमारीरक्षाबंधन-संयुक्ता कुमारी

0 Comments 9:02 pm

रक्षाबंधन सावन पूर्णिमा में राखी का त्यौहार । बहनों के मन में है छाया बहार ।🌸 हर बहन को भाई[...]

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रक्षाबंधन-दिलीप कुमार गुप्तारक्षाबंधन-दिलीप कुमार गुप्ता

0 Comments 8:16 pm

 रक्षा बंधन  सुमधुर स्नेहिल प्रीत का विश्वास भरा पावन बंधन बांध कलाई रेशम की डोरी शुभ संस्कार भरा रक्षा बंधन[...]

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Jainendra

खड़ी है तेरे द्वार बहना-जैनेन्द्र प्रसाद रविखड़ी है तेरे द्वार बहना-जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 7:53 pm

खड़ी है तेरे द्वार बहना धागा रक्षा के बांधे तेरे हाथ बहना, राजा भैया तू हर युग में साथ रहना।[...]

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रक्षाबंधन में बहन की पुकार-प्रियंका कुमारीरक्षाबंधन में बहन की पुकार-प्रियंका कुमारी

0 Comments 7:07 pm

रक्षाबंधन में बहन की पुकार रक्षाबंधन है यह अटूट एवं पवित्र भाई बहनों के रिश्तो का त्यौहार, बहन अपने भाई[...]

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अदृश्य मित्र-विजय सिंह नीलकण्ठअदृश्य मित्र-विजय सिंह नीलकण्ठ

0 Comments 8:42 pm

अदृश्य मित्र अदृश्य मित्र भी कभी-कभी आ जाते हैं सबके काम ऐसी महानता उनमें होती छुपा के रखे अपना नाम[...]

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