आओ बच्चों तुम्हें बतायें , अग्निशमन क्या होता है ? अग्नि से बचाव का यह एक , उत्तम माध्यम होता है।। अग्नि दुर्घटना से नुकसान ! अग्नि बचाव का चलाएं…
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
कलमकार का संदेश – राम किशोर पाठक
कलम हमारा आज है, लिखने को तैयार, चिंतन समाज का नहीं, लिखना तब बेकार। शब्दों को बस गूँथते, बनते रचनाकार, कथ्य-शिल्प को छोड़ते, लाते नव आचार। नहीं प्रेम-चिंतन धरे, बिना…
जीवन संकल्प – सुरेश कुमार गौरव
उठो, जगा लो मन का दीपक, भर लो जीवन में स्नेह-रूपक। सपनों के पंखों से उड़कर, छू लो नभ का स्वर्ण-सुंदर। विश्वास बने हर पल साथी, नव आशाओं की हो…
पुस्तकें – रत्ना प्रिया
जीवन की आधार पुस्तकें, ज्ञान की भंडार पुस्तकें, “तमसो मा ज्योतिर्गमय” की, भरती है संस्कार पुस्तकें । जग को राह दिखानेवाली, ध्येय पथ ले जानेवाली, दुःख-संकट में पड़े मनुज की,…
विधा: दोहा – देवकांत मिश्र ‘दिव्य
विधा: दोहा पृथ्वी दिवस मनाइए, लेकर नव विश्वास। जन-जन को जागृत करें, पेड़ लगाएँ पास।। हरित दिखे धरती सदा, ऐसा लें संकल्प। वृक्षारोपण में कभी, जोश न हो अल्प।। पादप…
हमारी धरती – आशीष अम्बर
पृथ्वी दिवस विशेष धरती है जीवन का आधार , आओ मिलकर करें विचार , मानव क्यों कर रहा निष्ठुर व्यवहार, धरती कर रही अब यही पुकार । पृथ्वी दिवस का…
माता पिता के चरणों में – मनु कुमारी
माता -पिता के चरणों में संसार है, वही तो मेरे खुशियों के आधार हैं। गोद में जिनके खेले हमने बचपन में , जिनसे घर आंगन में छायी बहार हैं। रोने…
मोबाइल का जाल – सुरेश कुमार गौरव
मोबाइल आया संग में मिली सुविधा, बढ़ती गई इस विचित्रता की दुविधा। ज्ञान-विज्ञान का खोल के पिटारा, छीन लिया हमसे अपनों का सहारा। सुबह उठें तो स्क्रीन की तलाश, रात…
प्रगति तुम बढ़े चलो – सुरेश कुमार गौरव
प्रगति तुम बढ़े चलो, नयन स्वप्न गढ़े चलो, अंधेरे हटा के तुम, नयी भोर गढ़े चलो। धरा से गगन तलक, पताका चढ़े चलो, प्रगति तुम बढ़े चलो, प्रगति तुम गढ़े…
जीने का अधिकार – मनु कुमारी
(दोहा सृजन) सभी जीव को है यहां,जीने का अधिकार। हक उसका मत छीनिए ,करिये केवल प्यार।। बेटी को यूं कोख में, मत मारो तुम यार। ईश्वर की वह देन है,करो…