Category: sandeshparak

Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.

S K punam

यादों को छोड़ आते-एस०के०पूनमयादों को छोड़ आते-एस०के०पूनम

0 Comments 9:48 pm

पावन दिवस पाँच, सितंबर हर साल, विद्यार्थी के जीवन को,हर्षित कर जाते। जमावड़ा है शिष्यों का, गुलदस्ता है फूलों का,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishor Pathak

शिक्षा – किशोर छंद – राम किशोर पाठकशिक्षा – किशोर छंद – राम किशोर पाठक

0 Comments 7:44 am

    घर-घर अलख जगाने वाली, है शिक्षा। आत्म ज्ञान दे जाने वाली, है शिक्षा। अपनी जहाँ बनाने वाली, है[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
S K punam

अमूल्य इनका मोल-एस.के.पूनमअमूल्य इनका मोल-एस.के.पूनम

0 Comments 3:53 pm

विधा:- रूप घनाक्षरी (अमूल्य इनका मोल) मिला के कदम ताल, कर दिये बुरा हाल, मचा गया हाहाकार,हुई जब कई गोल।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Jainendra

प्राकृतिक आपदा -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’प्राकृतिक आपदा -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 11:21 am

रूप घनाक्षरी छंद में कभी-कहीं बाढ़ आए, कभी तो सुखाड़ आए, सड़कें मकान सारे, हो जाते हैं जमींदोज़। पहाड़ चटक[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Amarnath Trivedi

मन के अपने सूने गगन से- अमरनाथ त्रिवेदीमन के अपने सूने गगन से- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 9:40 pm

मन के अपने सूने गगन से मन के अपने  सूने  गगन  से , पूछ क्यों कुछ करता नहीं है ।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस- राम किशोर पाठकराष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस- राम किशोर पाठक

0 Comments 9:38 pm

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस अंतरिक्ष की बात अलग है, इसकी सीमा ज्ञात नहीं। धरती अम्बर संग मिलें तो, बदले कुछ हालात[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

रोग का निदान- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’रोग का निदान- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

0 Comments 9:28 pm

रोग का निदान! आइए हवा भरे। संग-संग में चरे।। भागते विहान में। शांत आसमान में।। ∆ स्वेद पूर्ण देह से।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

भारत के अग्निवीर – गीत – राम किशोर पाठकभारत के अग्निवीर – गीत – राम किशोर पाठक

0 Comments 4:56 am

भारत के अग्निवीर – गीत शूर वीर हैं धरती के हम, लिखते हौसलों से तकदीर। हम पीछे हटना क्या जानें,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

भ्रष्टाचार – तमाल छंद गीत – राम किशोर पाठकभ्रष्टाचार – तमाल छंद गीत – राम किशोर पाठक

0 Comments 4:39 am

भ्रष्टाचार – तमाल छंद गीत किया सभी ने सद्कर्मों से, बैर। भ्रष्टाचार जहाँ फैलाया, पैर।। मुश्किल करना होता अब तो,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

उपयोगी वृक्ष – कर्ण छंद – राम किशोर पाठकउपयोगी वृक्ष – कर्ण छंद – राम किशोर पाठक

0 Comments 4:33 am

उपयोगी वृक्ष – कर्ण छंद तरुवर का रखकर ध्यान, सदा जीवन को सुखमय पाते। देकर इनको हम मान, धरा को[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें