आतंकवाद मिटाना है केवल खाली खाली बातों से , अब पेट नहीं हमे भरना है , जबतक आतंकवाद खत्म नहीं[...]
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
मेरी लेखनी – भूषण छंद गीत – राम किशोर पाठकमेरी लेखनी – भूषण छंद गीत – राम किशोर पाठक
मेरी लेखनी – भूषण छंद आधारित गीत उठा लेखनी लिखते हम, सदा सत्य को करें प्रबल। सभी यहाँ खुश होते[...]
रोकती बीमारियाँ – मनहरण घनाक्षरीरोकती बीमारियाँ – मनहरण घनाक्षरी
रोकती बीमारियाँ।- मनहरण घनाक्षरी उम्र किशोरी का आया, सौगात नयी है लाया, अंग-अंग है मुस्काया, बढ़ी जिम्मेदारियाँ। प्रजनन की तैयारी,[...]
संख्या का ज्ञान करें प्रदान – राम किशोर पाठकसंख्या का ज्ञान करें प्रदान – राम किशोर पाठक
संख्या का ज्ञान करें प्रदान- बच्चे कोरे कागज जैसे। संख्या ज्ञान कराएँ कैसे।। अंक शून्य से नौ तक रहता। संख्याओं[...]
माँ की सीख- स्रग्विणी छंद – राम किशोर पाठकमाँ की सीख- स्रग्विणी छंद – राम किशोर पाठक
स्रग्विणी छंद आधारित माँ की सीख- बाल सुलभ रोज माँ टोकती है सुधारो इसे। दोष तूने किया है निहारो इसे।।[...]
संस्कारों का संगम- सुरेश कुमार ‘गौरव’संस्कारों का संगम- सुरेश कुमार ‘गौरव’
“संस्कारों का संगम” संयुक्त कुल की छाया में, बचपन बुनता स्वप्न सुनहरे। दादी की गाथा, दादा की सीख, संस्कार बिखरें[...]
ज्ञान दीप जलता जहाँ- दोहावली – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’ज्ञान दीप जलता जहाँ- दोहावली – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’
ज्ञान दीप जलता जहाँ – दोहावली “””””””‘”””‘””””””””””””””””””'””””””””””””””””'””””””” विद्यालय के छात्र को, नित्य दीजिए ज्ञान। पावन शुचिता ज्ञान ही, जीवन का[...]
लक्ष्य की प्राप्ति – अमरनाथ त्रिवेदीलक्ष्य की प्राप्ति – अमरनाथ त्रिवेदी
लक्ष्य की प्राप्ति लक्ष्य तेरे बहुत बड़े हों, यह नहीं कोई जरूरी। हर बात में कोई साथ दे, यह नहीं[...]
सुनो बेटियों – हिंदी गजल – राम किशोर पाठकसुनो बेटियों – हिंदी गजल – राम किशोर पाठक
सुनो बेटियों – हिंदी गजल शस्त्र ले हाथ में अब अड़ो बेटियों। युद्ध तुम कालिका- सी लड़ो बेटियों।। आज तक[...]
जहाँ चाह वहाँ राह हमारी – अमरनाथ त्रिवेदीजहाँ चाह वहाँ राह हमारी – अमरनाथ त्रिवेदी
जहाँ चाह वहाँ राह हमारी जिंदगी जीने की करें तैयारी , जहाँ चाह वहाँ राह हमारी । पर मनमानी करें[...]
