खिड़की से झांक कर देखना सहमी ,सकुचाई सी खड़ी रहना दरवाजे पर आहट आते ही मन घबरा जाता आखिर कब तक आखिर कब तक यूं छुप -छुप कर रहना अकेली…
Category: Womens day
तुम मुझको नारी रहने दो… डॉ स्वराक्षी स्वरा
गीततुम मुझको नारी रहने दोअपनी अधिकारी रहने दो ।। सत्ता का लोभ नहीं मुझकोन दौलत की ही चाहत है पैरों के बंधन तोड़ मेरे निर्बन्धता में राहत है चालें तेरी…
नारी तू नारायणी है – जैनेन्द्र प्रसाद रवि
समाज की बलि नित्य बनती है औरत! क्या समाप्त हो गई इसकी जरूरत? श्रद्धा से प्रेरणा पा “मनु’ को आई जागृति, नारी समाज के दामन से जुड़ी भारत की संस्कृति।…
मनहरण(महिलाओं को समर्पित) – एस.के.पूनम
उतरी है नन्ही परी, हाथ-पाँव मार रही, आँगन तो किलकारी से गुंजायमान है। कद़म-कद़म पर, बजता है रणभेरी, हटी नहीं कभी पीछे,छेड़ी अभियान है। वाणी सुन दौड़ जाती, आती है…
नारी शक्ति- जयकृष्णा पासवान
चंडी की अवतार तू अबला, जग है तेरे रखवाले। रुप धारण की आन पड़ी है, अब तेरे किस्मत उजियारे।। “धधक रहा ज्वाला मन की” इसको तुम प्रतिकार करो। झुको नहीं,रूको…
बेटी – अरविंद कुमार अमर
(1)-छै येहा धारना दूनिया के, बेटी पराई होते छै। पर बिना बेटियौ के जग में, तकदीर सब के सुतले छै। (2)-जब बेटी हीं नय होतै त, बेटा फेर कहाँ सेय…
बेटियां- नवाब मंजूर
बेटियां होतीं हैं किताब पन्ने दर पन्ने पढ़ने पड़ते हैं समझने के लिए उन्हें! पढ़ेंगे जितना उतना ही समझेंगे समझ कर ही तो कहेंगे वाह वाह… न पढ़ता तो कैसे…
रचना की आधार हूं – कुमारी निरुपमा
रचना की आधार हूं हर सुन्दर रचना की आधार हूं सृष्टि के गति की अहम किरदार हूं, धरती में दबे बीज की वास हूं कोंपल के स्पंदन की आहार हूं।…
माता -जैनेन्द्र प्रसाद रवि
माता जगत में है जो प्यारी, सारी दुनिया से न्यारी, युगों-युगों से हमारी, माता कहलाती है। हमें लाती धरा धाम, सहती है पीड़ा घाम, अंगुली पकड़ हमें, चलना सिखाती है।…
आधुनिक नारी-रूचिका राय
आधुनिक नारी आधुनिक भारत की हूँ मैं नारी, नही अबला नही हूँ मैं बेचारी, पहुँच जाऊँगी मैं चाँद तक भी, इसके लिए करती हूँ मैं तैयारी। रीतियों का सदा निर्वहन…