शिक्षा है अधिकार हमारा – गीतिका शिक्षा है अधिकार हमारा। इससे बनता जीवन प्यारा।। नित्य हमें विद्यालय जाना। गुरुवर देते जहाँ सहारा।। कौशल अपना हमें बढ़ाना। निपुण बनें का लक्ष्य…
तू हीं जग के मालिक – अमरनाथ त्रिवेदी
तू ही जग के मालिक तू ही जग के नैया , तुम्हीं हो खेवैया । तुम्हीं जग के मालिक , तुम्हीं रास रचैया ।। मेरे प्राण भी तुम्ही हो , शक्ति…
विवेकानंद – अहीर छंद – राम किशोर पाठक
विवेकानंद – अहीर छंद मानव का निज धर्म । किए सदा शुचि कर्म।। लिए अलौकिक ज्ञान। दिए अलग पहचान।। अद्भुत बुद्धि विवेक। विवेकानंद नेक।। सपने लिए अनेक। करना भारत एक।।…
वर्षा और जन-जीवन – अमरनाथ त्रिवेदी
वर्षा और जनजीवन वर्षा ही देती हम सबकी पहचान । इसके बगैर निकल रही सबकी जान ।। बिन वर्षा के सब बेहाल । सूखे हैं सब पोखर ताल । वर्षा…
वर्षा और जीवन – अंजनेय छंद – राम किशोर पाठक
वर्षा और जीवन – अंजनेय छंद धूम मचाकर बरसा आती। नभ में अपनी नाच दिखाती।। भिन्न-भिन्न वह वेश बनाती। अवनी देख जिसे इठलाती।। मन का मयूर झूम रहा है। धरती…
बरसात – रुचिका
बरसात लो आ गयी बरसात, बदल गए हालात, गर्मी से राहत मिले, बदल गए जज़्बात। धरा की मिट गयी प्यास, किसानों के मन में जगे आस, खेतों में फसल लहलहायेगी,…
वर्षा और जीवन- अमरनाथ त्रिवेदी
वर्षा और जीवन वर्षा पर ही जीवन की , गतिविधि सारी चलती है । इसके बिना धरती भी , तवा समान ही जलती है ।। भूगर्भ जल की स्थिति भी…
जल बूँदों के संग में – मुक्तामणि छंद गीत- राम किशोर पाठक
जल बूँदों के संग में – मुक्तामणि छंद गीत वर्षा आती देखकर, झूम उठे हैं सारे। जल बूँदों के संग में, जीवन राह निहारे।। झुलस गयी धरती लगी, गीत नयी…
बच्चों मन से करो पढ़ाई- देवकांत मिश्र ‘दिव्य’
बच्चों मन से करो पढ़ाई “”””””””””‘””””””””””””””””””””””””””””””””” बच्चों मन से करो पढ़ाई। तुमको दूँगी दूध मलाई।। नहीं किसी से करो लड़ाई।। होगी इससे तभी भलाई।। नित्य सबेरे तुम जग जाओ। आशीष…
मेरे डॉक्टर – रुचिका
मेरे डॉक्टर जो जानता रहा मेरी हर पीड़ा, जिससे कहा मैंने अपनी सारी तकलीफ बिना किसी दुराव और छिपाव के और जिसने हर दुख के निराकरण के लिए किए न…