Girindra Mohan Jha

कर्म – गिरींद्र मोहन झाकर्म – गिरींद्र मोहन झा

0 Comments 6:49 pm

कर्म जो किया जाता है, वही होता है ‘कर्म’, जो करने योग्य हो, वही है कर्त्तव्य-कर्म, कहते हैं, कर्म के[...]

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Jainendra

एक पेड़ मांँ के नाम – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’एक पेड़ मांँ के नाम – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 6:45 pm

एक पेड़ मांँ के नाम मनहरण घनाक्षरी छंद में बहुत खुशी की बात, आ गई है बरसात, पेड़-पौधे लगाकर, धरा[...]

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Amarnath Trivedi

यह धरती है प्रभु की प्यारी – अमरनाथ त्रिवेदीयह धरती है प्रभु की प्यारी – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 6:44 pm

यह धरती है प्रभु की प्यारी हम बच्चे अपने धुन में गाएँ, प्रभु चरणों में शीश नवाएँ । जिनका है[...]

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कल का सपना – राम किशोर पाठककल का सपना – राम किशोर पाठक

0 Comments 6:44 pm

कल का सपना सपनों और अपनों के बीच, जीवन जीते हम-सब रहते। साँसों की डोरी को अपने, पल-पल सदा सँजोते[...]

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आओ, हम सब खेलें भाई- विजय शंकर ठाकुरआओ, हम सब खेलें भाई- विजय शंकर ठाकुर

0 Comments 6:38 pm

– आओ हम सब खेलें भाई – आओ, हम सब खेलें भाई, अब तो खेल की घंटी आई। भाई आओ,[...]

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मित्र की मित्रता – राम बाबू राममित्र की मित्रता – राम बाबू राम

0 Comments 10:41 pm

मित्र की मित्रता मित्र की मित्रता है सबसे प्यारी, मित्र है तो जग न्यारी। मित्र है तो खुशियां सारी, मित्र[...]

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Jainendra

ममता की मूर्ति – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’ममता की मूर्ति – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 10:37 pm

ममता की मूर्ति मनहरण घनाक्षरी छंद में पालन पोषण हेतु, खुद कष्ट सहती है, ममता की प्रतिमूर्ति, भारतीय नारी है।[...]

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बहना हाल बताना- राम किशोर पाठकबहना हाल बताना- राम किशोर पाठक

0 Comments 10:35 pm

बहना हाल बताना- गीत राखी का त्यौहार निकट है, बहना हाल बताना। रचनाओं से बांँध सको तो, रचना दें नजराना।।[...]

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