चिकित्सक का कार्य – गीतिका – राम किशोर पाठक

चिकित्सक का कार्य – गीतिका वैद्य, चिकित्सक, हकीम सारे। सबका जीवन सदा सँवारे।। रक्त, लहू, शोणित, लोहित जो। रुधिर, खून की दोष निहारे।। अस्थि, हाड़, हड्डी सब देखें। चर्म, खाल…

अपनी माटी से जुड़े – दोहावली – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’

अपनी माटी से जुड़ें “””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””” अपनी माटी से जुड़ें, करें सदा गुणगान। बनी इसी से देह है, यही ईश वरदान।।०१ माटी में हैं गुण बहुत, यही जीवनाधार। रंग बनावट जानिए,…

समय सुहाने बचपन के – अमरनाथ त्रिवेदी

समय सुहाने बचपन के खेल- खेल में पढ़ते जाएँ। जीवन को अनमोल बनाएँ।। हम नए-नए खेलों को खेलें। नई-नई खुशियाँ भी ले लें ।। हम बच्चे देश के कर्णधार कहलाते।…

प्रकाश संश्लेषण – विधा दोहें – राम किशोर पाठक

प्रकाश संश्लेषण – दोहें जिज्ञासा बच्चे लिए, गुरुवर करें निदान। कैसे भोजन पेड़ में, बनता है श्रीमान।।०१।। कैसे पोषण पा रहा, इसका कहें विधान। प्रकाश संश्लेषण किसे, कहते हैं श्रीमान।।०२।।…

जगन्नाथपुरी रथयात्रा – राम किशोर पाठक

जगन्नाथपुरी रथ-यात्रा- दोहें उत्कल प्रदेश में चलें, जहाँ ईश का धाम। शंख- क्षेत्र, श्रीक्षेत्र है, उसी पुरी का नाम।।०१।। युगल मूर्ति प्रतीक बने, बसे यहाँ अभिराम। श्री जगन्नाथ पूर्ण हैं,…