सपनों की ऊँचाई छूने को, हौसलों का दीप जलाने को, अभी कहाँ ठहरना है पथ में? अभी सफर अधूरा है[...]
बेटी अभिशाप नहीं वरदान हैबेटी अभिशाप नहीं वरदान है
जाने क्यों लोग बेटी को बोझ समझते हैं। बेटी कोई अभिशाप नहीं यह तो आंगन की लक्ष्मी है।। किसी के[...]
तेरा पिता हूँ मैंतेरा पिता हूँ मैं
तेरा पिता हूँ मैं तेरी गहरी से गहरी विपत्तियों की थाह हूँ मैं ज़िन्दगी की भाग-दौड़ में कठिनाईयों के किसी[...]
उम्मीदों का फूल खिलाने सावन आया- कुण्डलिया – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’उम्मीदों का फूल खिलाने सावन आया- कुण्डलिया – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’
उम्मीदों का फूल खिलाने सावन आया: कुंडलिया “”””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””‘”” आया सावन झूमकर, हर्षित हुए किसान। हरी-भरी यह भूमि हो, यही हमारी[...]
गुरु पूर्णिमा -दोहावली – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’गुरु पूर्णिमा -दोहावली – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’
गुरु पूर्णिमा – दोहावली “””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””” जन्म दिवस गुरु व्यास के, चरण कमल प्रणिपात। जिनके शुभ आशीष से, जीवन हो अवदात।।[...]
मित्रता रूपी कमल हैं खिलते – अमरनाथ त्रिवेदीमित्रता रूपी कमल हैं खिलते – अमरनाथ त्रिवेदी
मित्रता रूपी कमल हैं खिलते मित्रता की भी अलग जुबानी , बोले समयानुसार कटु मृदु बानी। कटु बानी भी मित्र[...]
कलम का सिपाही- मुक्तक – राम किशोर पाठककलम का सिपाही- मुक्तक – राम किशोर पाठक
कलम का सिपाही- मुक्तक कलम का कोई सिपाही है कहा। मुफलिसी आटा गिला करता रहा।। चाँद तारे रौशनी करते रहें।[...]
बाल गीत (सुंदर धूप में)बाल गीत (सुंदर धूप में)
गीतिका छंद सृष्टि सुंदर धूप में। बाल भोलेनाथ ऐसे, रूप दिखला दें कहीं। धन्य प्राणी मान ले वो,कामना अरु कुछ[...]
मित्रता जीवन की अनमोल निधि – अमरनाथ त्रिवेदीमित्रता जीवन की अनमोल निधि – अमरनाथ त्रिवेदी
मित्रता जीवन की अनमोल निधि मित्रता जीवन की अनमोल निधि है , यह एक दूसरे से जुड़ने की विधि है[...]
जिसको मित्र बनाया है – लावणी छंद गीत – राम किशोर पाठकजिसको मित्र बनाया है – लावणी छंद गीत – राम किशोर पाठक
जिसको मित्र बनाया है – लावणी छंद गीत आँख खोलकर इस भूतल पर, ज्यों हमने मुस्काया है। रिश्ते नाते हमने[...]
