कचरे की ढेर समसामयिक रचना सबको दे खुशहाली, चली गई ये दिवाली, बाजारों में जमा हुई, कचरे की ढेर है।[...]
भुला नहीं हूं -बैकुंठ बिहारीभुला नहीं हूं -बैकुंठ बिहारी
भूला नहीं हूं बाल्यावस्था की शरारत भूला नहीं हूं, माता-पिता की आंखों में प्रसन्नता के अश्रु भूला नहीं हूं, किशोरावस्था[...]
गोवर्धन- राम किशोर पाठकगोवर्धन- राम किशोर पाठक
गोवर्धन- पादाकुलक छंद आधारित गीत व्रज वनिता के वासी प्यारे। मोहन नख पर पर्वत धारे।। सुरपति जमकर जल बरसाए। व्रजवासी[...]
दिवाली है आईं – मनु कुमारीदिवाली है आईं – मनु कुमारी
दिवाली है आई दीप जलाओ दीप जलाओ दिवाली है आई घर आंगन में चहुंओर अब,खुशियाली है छाई। मैं तो लूंगी[...]
दीप रश्मियांँ- राम किशोर पाठकदीप रश्मियांँ- राम किशोर पाठक
दीप रश्मियाँ- गीत ज्ञान सत्य का हुआ नहीं तो, कहते हम अज्ञानी है। दीप रश्मियाँ जहाँ नहीं है, अँध की[...]
दीपों की गरिमा अमरनाथ त्रिवेदीदीपों की गरिमा अमरनाथ त्रिवेदी
दीपों की गरिमा दीप उम्मीद की किरण है , जो सपनों को जगाती । दिल मे प्रकाश भरकर , मन मे उजास लाती[...]
दीप पर्व – मनहरण घनाक्षरीदीप पर्व – मनहरण घनाक्षरी
दीप पर्व – मनहरण घनाक्षरी दीप पर्व अनुपम, आया हरने को तम, रहे नहीं कोई गम, दीप को जलाइए। करें[...]
दीप जलाना – कुंडलियादीप जलाना – कुंडलिया
दीप जलाना – कुंडलिया दीप जलाना आज है, जगमग करना व्योम। पुलकित पावन हो हृदय, प्रेम भरा हर रोम।। प्रेम[...]
दीप ज्योति नमो नमः।दीप ज्योति नमो नमः।
दीप ज्योति नमो नमः। यत्र नास्ति दीपं तत्र वा तिमिरं। आगमनेसतत्र ज्योति कुतो वा तिमिरं।। यतो दीपं ततो धर्म:। दीप[...]
ऐसी होती दिवाली -रामपाल प्रसाद सिंहऐसी होती दिवाली -रामपाल प्रसाद सिंह
कुकुभ छंद ऐसी होती दीवाली। मानस में दुर्भाव न होता,मुख पर बस होती लाली। आओ सोच-विचार करें हम, ऐसी होती[...]
