Ram Kishor Pathak

भाई दूज -राम किशोर पाठकभाई दूज -राम किशोर पाठक

0 Comments 11:46 am

भाई-दूज – गीत भाई-दूज हुआ फलदायी, फलित सदा अच्छाई से। अद्भुत हमने देखा जग में, प्यार बहन का भाई से।।[...]

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लक्ष्य -बैकुंठ बिहारीलक्ष्य -बैकुंठ बिहारी

0 Comments 11:43 am

लक्ष्य जीवन का प्रथम उद्देश्य है लक्ष्य, सफलता की प्रेरणा है लक्ष्य, कर्तव्य की प्रेरणा है लक्ष्य, आत्म सम्मान की[...]

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बनकर कान्हा गिरधारी-रामकिशोर पाठकबनकर कान्हा गिरधारी-रामकिशोर पाठक

0 Comments 8:33 pm

बनकर कान्हा गिरधारी – गीत लीलाधर ने भू पर आकर, लीला की अद्भुत न्यारी। शोक मिटाए ब्रज वनिता की, बनकर[...]

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गोवर्धन धारी -रामकिशोर पाठकगोवर्धन धारी -रामकिशोर पाठक

0 Comments 8:30 pm

गोवर्धन धारी – गीतिका गोवर्धन की पूजा करने, निकले हैं सब नर नारी। करके मर्दन मान इंद्र का, झूम रहे[...]

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स्वास्थ्य बैकुंठ बिहारीस्वास्थ्य बैकुंठ बिहारी

0 Comments 5:06 pm

स्वास्थ्य स्वास्थ्य का ध्यान रखिए, यह प्रकृति की अनुपम भेट है। उत्तम स्वास्थ्य ऊर्जा प्रदान करता है, अंग प्रत्यंग को[...]

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ओ भैया आयल रे भैया-अवधेश कुमारओ भैया आयल रे भैया-अवधेश कुमार

0 Comments 4:54 pm

ओ भैया आयल रे भैया दीपक रौशनी झल‑झल हे, नीप कै झलकै घर‑आँगन रे। बहिन अरिपन बनबै ये पीढ़ी पर[...]

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मां की लाल साड़ी – अवधेश कुमारमां की लाल साड़ी – अवधेश कुमार

0 Comments 9:21 pm

माँ की लाल साड़ीअलमारी के कोने में अब भी टंगी है वो लाल साड़ी,जिसमें बसती है माँ की मुस्कान —[...]

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ढूंढता हूं अवनीश कुमारढूंढता हूं अवनीश कुमार

0 Comments 8:58 pm

“ढूंढ़ता हूं” मैं माँ की सुनी माँग में उस दमकती सुंदर आभा — ‘सिंदूर’ की वह पावन आभा ढूंढ़ता हूं,[...]

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ज्योति-पर्व दीपावली- गीतज्योति-पर्व दीपावली- गीत

0 Comments 8:24 pm

ज्योति-पर्व दीपावली- गीत हर्षित आज सभी नर-नारी, सुंदर सुखद तराना है। अगणित दीप जलाकर भू का, सारा तिमिर मिटाना है।।[...]

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