उफ.!गर्मी बढ़ और रही है उफ.!गर्मी, दिख नहीं रही कुछ भी नर्मी, छाया नीचे भूखा-प्यासा,जीवन जलता है। कहीं एक पत्ता[...]
अधूरा सफर- बिंदु अग्रवालअधूरा सफर- बिंदु अग्रवाल
अधूरा सफर आंँखो में नमी, होठों पे सिसक, दे गए तुम कहांँ खो गए? निकले घर से जो मंजिल के[...]
अहमदाबाद विमान दुर्घटना- दोहा छंद – राम किशोर पाठकअहमदाबाद विमान दुर्घटना- दोहा छंद – राम किशोर पाठक
अहमदाबाद विमान हादसा – दोहा छंद माह जून पच्चीस की, तिथि बारह की बात। उड़ते हीं विमान गिरा, लगा बड़ा[...]
नमन दधीचि – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’नमन दधीचि – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’
नमन दधीचि! बरगद का पेड़! वर्षोँ से खड़ा , वसन्तों पतझडों का साक्षी, धरती से करता प्यार, धूप से बचाता,[...]
इंसानियत के मसीहा संत कबीर – अमरनाथ त्रिवेदीइंसानियत के मसीहा संत कबीर – अमरनाथ त्रिवेदी
इंसानियत के मसीहा संत कबीर एक ऐसे संत कबीर हुए, जो जमकर कुरीतियों पर वार किया । हिंदू मुस्लिम की[...]
हादसा – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान ‘हादसा – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान ‘
हादसा (उज्जवला छंद) जब पग-पग होता हादसा। मानव पर उभरा दाग-सा।। हर घर में छाया शोर है। बस आह-आह पुरजोर[...]
पड़ती गर्मी प्रचंड है – लावणी छंद गीत – राम किशोर पाठकपड़ती गर्मी प्रचंड है – लावणी छंद गीत – राम किशोर पाठक
पड़ती गर्मी प्रचंड है – लावणी छंद गीत ताल, तलैया, सरवर सूखा, भू दिखता खंड-खंड है। प्यासा पंछी खोज रहा[...]
नन्हा पौधा – बिंदु अग्रवालनन्हा पौधा – बिंदु अग्रवाल
नन्हा पौधा दादा जी ने बीज लगाया, दादी ने पानी डलवाया। चुन्नू-मुन्नू दौड़े आएँ, साथ में खाद भी लेकर आएँ।।[...]
भूजल का दोहन करें नहीं- लावणी छंद गीत – राम किशोर पाठकभूजल का दोहन करें नहीं- लावणी छंद गीत – राम किशोर पाठक
भूजल का दोहन करें नहीं- लावणी छंद गीत भूजल का दोहन करें नहीं, संग्रह बहुत जरूरी है। बसा भूगर्भ में[...]
भूगर्भ जल – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान ‘भूगर्भ जल – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान ‘
भूगर्भ जल- उज्जवला छंद ज्ञान बहुत तेरे पास है। मुझसे फिर रखते आस है।। तो आओ मेरे साथ में। हाथों[...]
