Amarnath Trivedi

स्वास्थ्य और भौतिक संसाधन – अमरनाथ त्रिवेदीस्वास्थ्य और भौतिक संसाधन – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 10:20 pm

स्वास्थ्य और भौतिक संसाधन संसाधनों के अंबार   लगे हैं ,  दुनिया के कोने कोने में । फिर भी  न कोई[...]

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सुविधा और स्वास्थ्य- कुण्डल छंद- राम किशोर पाठकसुविधा और स्वास्थ्य- कुण्डल छंद- राम किशोर पाठक

0 Comments 10:19 pm

सुविधा और स्वास्थ्य- कुण्डल छंद सुविधाएंँ सभी आज, सबको हैं प्यारे। मशीन बन गए लोग, एहसास मारे।। करते सभी आराम,[...]

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बोल बम कहने लगा- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान ‘बोल बम कहने लगा- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान ‘

0 Comments 10:01 am

बोल बम कहने लगा। आ गया सावन महीना, भाव में बहने लगा। त्याग ऑंचल का सहारा,बोल बम कहने लगा।। कौन[...]

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Amarnath Trivedi

भौतिक सुविधा और स्वास्थ्य- अमरनाथ त्रिवेदीभौतिक सुविधा और स्वास्थ्य- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 5:16 am

भौतिक सुविधा और स्वास्थ्य आज  होड़ लगी है  भौतिक  सुख सुविधा की , स्वास्थ्य के लिए कुछ दोस्त बने कुछ[...]

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सुख सुविधाओं के चक्कर में- सरसी छंद गीत- राम किशोर पाठकसुख सुविधाओं के चक्कर में- सरसी छंद गीत- राम किशोर पाठक

0 Comments 5:15 am

सुख सुविधाओं के चक्कर में- सरसी छंद गीत अपने हाथों से जीवन में, घोल रहा विष जान। सुख सुविधाओं के[...]

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Amarnath Trivedi

खुशी-खुशी हम पढ़ने जाएँ- अमरनाथ त्रिवेदीखुशी-खुशी हम पढ़ने जाएँ- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 1:11 pm

खुशी खुशी हम पढ़ने जाएँ खुशी खुशी हम पढ़ने   जाएँ, ध्यान से हम सब ज्ञान भी पाएँ। टोली बनाकर स्कूल[...]

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सच हो जाएँ सारे सपने – राम किशोर पाठकसच हो जाएँ सारे सपने – राम किशोर पाठक

0 Comments 1:10 pm

सच हो जाएँ सारे सपने मुस्कान सजाकर होंठों पर, हरपल को जीना हम सीखें। आओं अपने कर्मों से अब, हम-सब[...]

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Amarnath Trivedi

आओ बच्चों खेलें खेल – अमरनाथ त्रिवेदीआओ बच्चों खेलें खेल – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 10:22 pm

आओ बच्चों खेलें खेल आओ   बच्चों   खेलें    खेल , सब  बच्चों  से  कर  लें  मेल । खेलकूद हमेशा  संयम  से  [...]

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आऍं गुरु से तिलक लगा लें- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान ‘आऍं गुरु से तिलक लगा लें- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान ‘

0 Comments 10:20 pm

आऍं गुरु से तिलक लगा लें आऍं गुरु से तिलक लगा लें, काली छाया दूर भगा लें, बीत गई गर्मी[...]

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अपना हमें समर्पण दे दो- राम किशोर पाठकअपना हमें समर्पण दे दो- राम किशोर पाठक

0 Comments 10:17 pm

अपना हमें समर्पण दे दो – बाल कविता कूद कूदकर आते बच्चे। कुछ सहमें इठलाते बच्चे।। कहना चाह रहे कुछ[...]

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