मीठी बोली- रामपाल प्रसाद सिंहमीठी बोली- रामपाल प्रसाद सिंह

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मीठी बोली। कोयल के लिए स्वर,अनमोल सरोवर, डूबने को हर लोग,चाहते हैं दिन-रात। काक काला लिए रंग,कंठस्थ है स्वरभंग, करते[...]

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वंदनवार सजे शारदा – रामपाल प्रसाद सिंहवंदनवार सजे शारदा – रामपाल प्रसाद सिंह

0 Comments 7:24 am

वंदनवार सजे शारदा शोर हुआ अब कानन में। मदिरा सवैया भोर हुई उठ जा प्रिय जीवन, बोल रही कोयल वन[...]

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Ram Kishor Pathak

रामायण पढ़ते हैं – राम किशोर पाठकरामायण पढ़ते हैं – राम किशोर पाठक

0 Comments 6:59 am

गीतआओ चिंतन कर लें थोड़ा, जो खुद गढ़ते हैं।गाथा सुंदर रामायण की, हम-सब पढ़ते हैं।। आओ चिंतन कर लें थोड़ा,[...]

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मेरी पोषण वाली थाली – अवधेश कुमारमेरी पोषण वाली थाली – अवधेश कुमार

0 Comments 6:33 am

मेरी पोषण वाली थाली : बाल कवितामाँ ने सजाये थाली में अनोखे रंग ,पोषण थाली अब करेगी कुपोषण से जंग[...]

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कैसे कह दूं – बैकुंठ बिहारीकैसे कह दूं – बैकुंठ बिहारी

0 Comments 6:30 am

कैसे कह दूंकैसे कह दूं कि सब ठीक है,अजीब सी बेचैनी है।कैसे कह दूं कि सब ठीक है,अजीब सा अधूरापन[...]

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Ram Kishor Pathak

रामायण – राम किशोर पाठक रामायण – राम किशोर पाठक 

0 Comments 10:08 pm

आओ चिंतन कर लें थोड़ा, जो खुद गढ़ते हैं। गाथा सुंदर रामायण की, हम-सब पढ़ते हैं।। नारायण होकर जब नर[...]

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यूँ ही लम्हें बीत  जाएँगे – अमरनाथ त्रिवेदीयूँ ही लम्हें बीत  जाएँगे – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 10:04 pm

यूँ ही लम्हें बीत  जाएँगे , न हम रहेंगे न तुम रहोगे  फिर अपनी बात   कहाँ  और किसको कहोगे ? यह अंतहीन  सिलसिला [...]

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हेलो अक्टूबर अवधेश कुमारहेलो अक्टूबर अवधेश कुमार

0 Comments 11:25 am

हेलो अक्टूबर : मेरे बगीचे से : बाल कविता अक्टूबर आया लेकर मौसम सुहाना सा, सूरज मृदु , नभ नीला[...]

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चरणों की भक्ति -जैनेन्द्र प्रसाद रविचरणों की भक्ति -जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 11:20 am

चरणों की भक्ति रूप घनाक्षरी छंद दानवों का दुनिया में अत्याचार बढ़ा जब, धरा की पुकार सुन, लिया तब अवतार।[...]

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Ram Kishor Pathak

दीप जलाना कर्म है रामकिशोर पाठकदीप जलाना कर्म है रामकिशोर पाठक

0 Comments 11:08 am

दीप जलाना कर्म है – दोहा छंद गीत तिमिर घना कितना यहाँ, इसका करें न ध्यान। दीप जलाना कर्म है,[...]

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